घर की लाज पर आंच न आए, इसके लिए ‘इज्जतघर’ बनवाने के लिए बबिता ने खुद ही फावड़ा उठा लिया। उन्होंने उधार रकम लेकर शौचालय बना लिया। बबिता के इस हौसले को डीएम वीके सिंह ने न सिर्फ सराहा बल्कि 11 हजार रुपये का पुरस्कार देकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का ब्रांड एंबेसडर भी बना दिया। डीएम से सम्मान मिलने पर बबिता भावुक हो गईं। बोलीं- वह गांव के दूसरे लोगों को भी शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करेगी।
आंवला तहसील के गांव सैंधा निवासी रामअवतार की पत्नी बबिता देवी अपने घर में शौचालय बनवाना चाहती थी। कई बार सेक्रेटरी से लेकर अफसरों तक दौड़ लगाई लेकिन फिर भी सरकारी रकम हाथ नहीं आई। तब उन्होंने खुद फावड़ा उठा लिया। उधार रकम लेकर शौचालय बना लिया। निरक्षर और गरीब महिला के खुले में शौच के खिलाफ इस जज्बे से डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह खासे प्रभावित हुए। सोमवार को डीएम ने बबिता को अपने दफ्तर में बुलाकर मिठाई और 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। डीएम ने कहा कि अगर घर की हर महिला अपने घर की इज्जत को लेकर इतनी जागरूक हो जाए तो खुले में शौच करने का कलंक पूरी तरह से आसानी से मिटाया जा सकता है।