बरेली। कई बार आर्थिक तंगी इरादों को फौलादी बना देते हैं। एक ड्राइवर की बेटी ने भी कुछ ऐसा ही करके दिखाया है। मजबूत इरादों के दम पर उसने नेशनल स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर पिता का सपना पूरा किया है। अब उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। कांती कपूर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में बारहवीं की छात्रा का सोमवार को कॉलेज की तरफ से स्वागत किया गया।
कर्मचारी नगर की रहने वाली वैशाली के पिता दयाराम यादव एक गैस एजेंसी पर ऑटो चलाते हैं। पिता और मां सुशीला यादव का सपना है कि बेटी एक अच्छी एथलीट बनकर देश के लिए मेडल जीते। लखनऊ में 29 अक्तूबर से दो नवंबर तक आयोजित 31वीं विद्या भारती अखिल भारतीय राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 300 मीटर पैदल चाल में वैशाली ने पहला स्थान हासिल किया। अब वह अंडर-19 में एसजीएफआई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी।
वैशाली ने बताया कि वह बचपन से ही एथलीट बनना चाहती थी। ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना उसका सपना है। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। मेडल जीतने पर कांती कपूर कॉलेज में उसका स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य अर्चना, प्रबंधक डॉ. पूनम सिंह, डॉ. उमा व्यास, प्रेमा पानू आदि ने वैशाली को शुभकामनाएं दीं।