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हत्या और तमंचे का मुकदमा छूटा तो उपाध्यक्ष बनाया

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बरेली। भाजपा के महानगर संगठन में रविवार को दो उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें से एक राज किशोर कश्यप पर पूर्व में हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे मुकदमे रह चुके हैं। हालांकि उनका और पार्टी संगठन का दावा है कि ये मुकदमे अब छूट गए हैं। इसके कारण ही राज किशोर को प्रमोशन देकर महानगर उपाध्यक्ष बनाया गया है। मगर उनकी नियुक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा युवा मोर्चा से हटाए गए प्रतेश पांडेय को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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जगतपुर में बुखारपुरा निवासी राजकिशोर कश्यप पुत्र जगदीश कश्यप पूर्व में भाजपा में मंडल महामंत्री और कार्य समिति सदस्य रहे हैं। 11 मई 1989 में बारादरी के सब इंस्पेक्टर आरएस त्यागी ने उन्हें आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद अगले साल छह सितंबर 1990 को बुखारपुरा में ही रहने वाले नसीम खां ने राजकिशोर, राकेश और विजय के खिलाफ थाना बारादरी में ही हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 14 अक्टूबर 1990 को पुलिस ने इसमें चार्जशीट लगाकर मामला कोर्ट भेज दिया। आगे इन मामलों में क्या हुआ, बारादरी पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं है। मगर भाजपा नेताओं का दावा है कि कोर्ट से यह दोनों मुकदमे छूट गए। इसके बाद ही राजकिशोर को संगठन में महानगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा भाजपा में युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष पद से पिछले दिनों हटाए गए प्रतेश पांडेय को भी साधने को भी महानगर कमेटी में उपाध्यक्ष बनाया गया है।

युवा मोर्चा के पदाधिकारी घोषित
पिछले दिनों सुधांशु सक्सेना को युवा मोर्चा का महानगर अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद रविवार को कार्यकारिणी घोषित की गई है। इसमें ईशान ईशू, जेपी यादव, राधे गुर्जर, संजीव सिंह, अंकित भाटिया व गौरव वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। गौरव गुप्ता और पूर्णेश मिश्रा को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। राजकुमार श्रीवास्तव, जयदीप चौधरी, बंटी श्रीवास्तव, मुकेश वर्मा, रजत अरोड़ा और सुमित सैनी को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा दुर्गा प्रजापति, अभय शिव गुप्ता, अभिनंदन राय, केशव शंखधार, सुरजीत कुमार और आकाश सक्सेना को सदस्य बनाया गया है।
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पुरानी रंजिश के चलते वर्ष 1989-90 में मुझ पर आर्म्स एक्ट और हत्या के मुकदमे लिखाए गए थे। मैं इन मामलों में शामिल नहीं था और कोर्ट से दोनों ही मामलों में मुुझे बरी कर दिया गया। - राजकिशोर कश्यप, महानगर उपाध्यक्ष, भाजपा

राजकिशोर कश्यप पर बहुत पहले रंजिशन फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके चलते ही उन्हें कोई प्रमुख पद नहीं दिया गया। कोर्ट ने उन मामलों में राजकिशोर कश्यप को बरी कर दिया है। - उमेश कठेरिया, महानगर अध्यक्ष भाजपा
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