पिछले वर्षों में डेंगू की भ्रामक रिपोर्ट देकर लोगों से मोटी रकम वसूलने वाले अस्पतालों पर अब गाज गिरना तय है। शासन से जारी सर्कुलर के तहत सीएमओ ने जिले के सभी निजी चिकित्सालयों को बगैर एलाइजा टेस्ट के डेंगू का भ्रामक प्रचार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि निजी अस्पताल अक्सर बगैर टेस्ट के महज लक्षणों के आधार पर ही डेंगू की पुष्टि कर देते हैं, जिससे मरीजों को बेवजह की परेशानी और काफी आर्थिक हानि होती है और फायदा अस्पतालों को पहुंचता है। कहा कि बारिश के बाद सर्द मौसम की शुरुआत होगी, इस दौरान डेंगू के लार्वा के एक्टिव होने की आशंका सबसे अधिक होती है। इसी दौरान देश में कहीं भी डेंगू का एक भी मामला प्रकाश में आने के बाद निजी हॉस्पिटल उसे भुनाने में लग जाते हैं। ऐसे में नोटिस देकर उन्हें पहले से अलर्ट कर दिया गया है। यदि इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बताया कि अक्टूबर से नवंबर करीब माह भर डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान का संचालन किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर समेत अन्य कार्यक्रमों के जरिए डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, उन्हें एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी। ताकि वह किसी भ्रामक पुष्टि पर विश्वास न करें।