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चार दिन रहेंगे बादल, हल्की बारिश के आसार

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बरेली।
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बीते दो दिन से मौसम ने अचानक करवट बदली। हल्की बारिश और तेज हवा की आशंका से किसानों को खेत में कटने के कगार पर खड़े गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी फसलें बचाने की चिंता करनी पड़ रही है। दो दिन पहले रात में बूंदाबांदी और हवा चलने से खेत में कटी लगी इन फसलों को आंशिक नुकसान हुआ। खेत में पकी खड़ी फसल के दाने जमीन पर गिरने से उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है।
शनिवार को धूप की तीव्रता कुछ कम रही। बीच में सूर्य देवता बादलों की ओट में भी छुपते नजर आए। दिन का अधिकतम तापमान 35.6 और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को भी धूप की तीव्रता कम रहने और उसम कम होने की भविष्यवाणी की गई है। इसके बाद 13 अप्रैल तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। सूरज बादलों की ओट में कभी छुपेगा तो कभी अचानक चमकेगा। धूप की तीव्रता कम रहेगी। हल्की बारिश होने के प्रबल आसार हैं, जिससे तापमान में भी गिरावट आ सकती है। शुक्रवार और शनिवार की रात हल्की बूंदाबांदी होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि आगामी चार दिन तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इससे खेत में पकी खड़ी गेहूं, चना, मटर और मूसर के अलावा ककड़ी, खीरा, लौकी के उत्पादन पर असर पड़ेगा। खेत में कटी लगी फसल सड़ सकती है। इसलिए किसानों को सलाह है कि वह गेहूं समेत अन्य पकी फसलें अभी तीन से चार दिन तक न काटें क्योंकि अगर फसल काट ली तो वह खेत में सड़ सकती है। खेत में कटी लगी गेहूं की फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।
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आम की फसल को नुकसान
बागवानी में पेड़ों पर आम का बौर लटक रहा है या फिर उसमें छोटे फल आ गए हैं। बारिश और तेज हवा से आम को खतरा है। बागवानी विशेषज्ञ डा. रनजीत सिंह का कहना है कि आम के बौर को नुकसान से बचाने के लिए किसान विशेषज्ञों से सलाह लें। इसके बाद आम के बाग में उचित दवाओं का स्प्रे करें।
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