25 लाख के घोटाले की फाइल क्यों
दबाए बैठे हो डीपीआरओ साहब
सीडीओ ने किया जवाबतलब, कार्रवाई का निर्देश दिया
साल भर से दबी थी पचदौराकलां में हुए घोटाले की फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
भोजीपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पचदौरा कलां में करीब 25 लाख के घोटाले की फाइल साल भर से ज्यादा समय से डीपीआरओ कार्यालय में दबे रहने का मामला सामने आया है। इस धनराशि से विकास कार्य होने थे लेकिन ग्राम पंचायत सेक्रट्री और ग्राम प्रधान साठगांठ कर इसे हजम कर गए। तीन बार जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई लेकिन इसके घोटाले की फाइल डीपीआरओ कार्यालय में दब गई। अब सीडीओ ने इस मामले में डीपीआरओ को कार्रवाई का निर्देश दिया है।
पचदौरा कलां में विकास कार्यों में घपले के कई मामले में पकड़े गए थे। ग्राम पंचायत में दो बार एडीओ स्तर पर जांच हुई। इसके बाद डीपीआरओ ने भी जांच में कई बड़ी गड़बड़ी पकड़ीं। इसमें वर्ष 2016-17 में प्रकाश व्यवस्था, सीसी रोड और नाला निर्माण के नाम पर 13 लाख 37 हजार से ज्यादा रकम का एकमुश्त गबन पाया गया। रिकार्ड में जिस सीसी रोड का निर्माण दर्शाया गया था, मौके पर वह निर्माण मिला ही नहीं। ग्राम पंचायत में वर्ष 2016-17 में 20 स्ट्रीट लाइटें लगवाना दिखाया गया लेकिन स्ट्रीट लाइट से संबंधित बिल बाउचर सहित कई अन्य रिकार्ड नहीं मिले। वर्ष 2017-18 में ग्राम निधि के खाते से निकाली गई धनराशि का भी उपभोग होना नहीं पाया गया। ग्राम पंचायत में छोटे-मोटे और भी कई गबन के मामले पकड़े गए। जांच में कुल मिलाकर 25 लाख के गबन की पुष्टि होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सेक्रेट्री रिटायर हो गए...इसलिए नहीं की कार्रवाई
25 लाख के घोटाले के आरोपी पंचायत सेक्रेट्री पर कार्रवाई न होने का मामला जब सीडीओ सत्येंद्र कुमार के सामने उठा तो उन्होंने डीपीआरओ विनय सिंह से जवाब तलब किया। डीपीआरओ विनय सिंह ने बताया कि सेक्रेट्री रिटायर हो गए हैं इसलिए कार्रवाई नहीं की। इस पर सीडीओ काफी नाराज हुए और डीपीआरओ से सेक्रेटरी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने सीज किए प्रधान के अधिकार
विकास कार्यों में घोटाले में फंसी पचदौरा कलां की प्रधान सगीरन को डीएम को नोटिस देते हुए उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। इसके साथ ही प्रधान से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।