वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र के बिहारीपुर फार्म के पास और रामदीनपुर गांव के दक्षिण गन्ने के खेतों में पांच महीने से विचरण कर रहे बाघ से किसान परेशान हैं। वनकर्मी भी बाघ की चहलकदमी पर नजर रखे हैं, जिन्होंने बाघ के पदचिन्ह मिलने की हामी भरी है।
बिहारीपुर फार्म के राजपाल सिंह, अवतार सिंह, इंद्रजीत सिंह, इकबाल सिंह आदि और रामदीनपुर, महेशपुर के ग्रामीणों का कहना है कि महेशपुर के ओमप्रकाश, अशर्फीगंज के लालाराम को मार गिराने वाला बाघ अब तक गन्ने के खेतों में है, जिसके पदचिन्ह खाली पड़े खेतों में देखने को मिल रहे हैं। बाघ की दहशत में लोग गन्ने की छिलाई, फसलों की सिंचाई, लाही कटाई करने से घबरा रहे हैं।
रेंजर एसएन यादव ने स्वीकारा कि बाघ यदाकदा जंगल से बाहर निकलकर खेतों में पहुंच जाता है, जिस पर वनकर्मी पैनी नजर रखे हैं। बताया कि पिछले 15 दिनों से बाघ के हमले की कहीं से कोई सूचना नहीं मिली है, फिर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।