टैग: होली के बाद बढ़ेगी गर्मी, चलेंगी पछुआ हवाएं
पानी के बाद अब पसीने की ‘होली’
आसमान में छाये रहेंगे बादल, बारिश नहीं होगी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
होली पर तो मौसम ने खूब साथ दिया, लेकिन अब उमस के साथ गर्मी बढ़ेगी और पछुआ हवाएं भी चलेंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि अगले एक हफ्ते तक आसमान में बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी। सुबह और शाम के वक्त हल्की सर्दी का असर फिलहाल बना रहेगा, लेकिन सुबह दस से शाम छह बजे के बीच धूप की तीव्रता लगातार बढ़ेगी। हल्की पछुआ हवाएं चलेंगी लेकिन इससे फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच अभी कुछ और दिन सतर्कता बरतने की जरूरत है।
होली के अगले ही दिन शनिवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में चटक धूप खिलने से गर्मी और उमस महसूस हुई। शाम को आसमान में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले एक हफ्ते तक तापमान में तीन से चार डिग्री तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके बावजूद सुबह-शाम हल्की सर्दी पड़ने के साथ ओस भी गिरेगी। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि सुबह-शाम सर्दी के साथ कभी-कभी रात में बादल दिख सकते हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि होगी। दिन में उमस और रात में ओस गिरने से मौसम बार-बार बदलता दिखेगा। रविवार के बाद लगातार कम से कम तीन दिन तक पछुआ हवाएं चलेंगी। इन सबसे अभी फसलों को नुकसान होने के आसार नहीं हैं।
अगले एक सप्ताह का अनुमानित तापमान (डिग्री सेल्सियस)
तारीख न्यूनतम तापमान अधिकतम तापमान मौसम
तीन मार्च 15.5 31.1 डिग्री सेल्सियस शाम को हल्के बादल
चार मार्च 18.0 34.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
पांच मार्च 18.0 34.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
छह मार्च 16.0 33.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
सात मार्च 16.0 33.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
आठ मार्च 15.0 34.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
नौ मार्च 15.0 34.0 डिग्री सेल्सियस आसमान साफ
गर्मी और तेज हवा से गेहूं को नुकसान
आईवीआरआई के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रनजीत सिंह का कहना है कि अचानक गर्मी बढ़ने से रबी की फसलें गेहूं और सरसों जल्दी पक जाएंगी। 15 से 20 मार्च तक अगैती गेहूं पककर काटने लायक हो जाएगा, लेकिन उमस और गर्मी में पछुआ हवा चलने से पछैती गेहूं की बाली में दाना पतला हो जाएगा और उत्पादन घटेगा। अगर हवा धीमी रहती है और गर्मी कम पड़ती है तो गेहूं का उत्पादन बढ़ेगा। अगर गर्मी ज्यादा पड़ी तो किसानों को अपनी फसलों में हल्की सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।
सब्जियां हो सकती हैं बेस्वाद
तापमान बढ़ने से मेथी, गाजर और मूली आदि में रेशा बनेगा। हरी सब्जियां जल्दी सूखने लगेंगी। हरी सब्जियां बेस्वाद हो जाएंगी। शिमला मिर्च और टमाटर अधिक तापमान सहन नहीं कर पाता। नए पौधे में निकलने वाला फूल और फल में बदलाव पर तापमान का असर पड़ता है। पौधे के अंदर हार्मोंन बदलने लगते हैं। पौधा प्रजनन अवस्था मेें जाता है। इसका असर उत्पादन पर पड़ना तय है। इससे फलों का आकार और गुण छोटा हो सकता है। उत्पादन कम होने की संभावना रहती है। सब्जियों के पौधों की बढ़वार के लिए 15 से 25 डिग्री और 22 से 35 डिग्री तक तापमान होना आवश्यक है। तापमान धीरे-धीरे बढ़ने से रबी की फसलों और सब्जियों में नुकसान नहीं होंगे।
बदलते मौसम में रखें सेहत का ध्यान
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य का कहना है कि बदलते मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। तापमान के उतार-चढ़ाव से वायरल होने की आशंका होती है। सुबह, शाम को हाफ स्वेेटर जरूर पहनें। रात को कमरे से निकलें तो शाल या हाफ स्वेटर पहनकर ही निकलें।