इस्कॉन मंदिर की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शहर में कई जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शाम को संकीर्तन के बाद देर रात तक भंडारा चला जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
गांधी उद्यान में सुबह 10 बजे से संकीर्तन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। विदेशी भक्तों ने हरे रामा, हरे कृष्णा... महामंत्र संकीर्तन का गायन किया। इस दौरान मेयर डा. उमेश गौतम और नगर विधायक डा. अरुण कुमार सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। भगवान की आरती के बाद दोपहर करीब दो बजे धार्मिक अनुष्ठान हुआ जिसके बाद शोभायात्रा को रवाना किया गया। भगवान का रथ खींचते हुए श्रद्धालु उत्साह के साथ आगे बढ़े। रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ सी दिखाई दी। रॉक बैंड पर संकीर्तन की धुन बज रही थी, श्रद्धालु भी हरे रामा, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे रामा... गाते हुए चल रहे थे। इससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होती हुई डेलापीर के झूलेलाल द्वार पहुंची जहां उसका विश्राम हुआ। मीडिया प्रभारी जगदीश भाटिया ने बताया कि सोमवार को इस्कॉन मंदिर में दोपहर 12 बजे से संकीर्तन होगा।
इंडिया होली लैंड है.. यहां गंगा और वृंदावन है
इंडिया होली लैंड है, यहां गंगा है और वृंदावन धाम है। मैं यहां की नागरिकता चाहती हूं। 10 सालों से यहीं रह रही हूं। यह कहना था छह-सात लोगों की टीम के साथ आईं यूक्रेन की देवरूपा का। उनके साथ अनंत पूर्ण और रूस से आईं रत्नलेखा भी थीं। देवरूपा ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ की सदस्य हैं। वह भागवत गीता पढ़ने से प्रभावित हुई हैं। बोलीं, भक्ति और अध्यात्म का ऐसा माहौल इंडिया में ही मिलता है, दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता।