फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली: सीजेपी के प्रदर्शन में दिल्ली जा रहे थे विपक्षी दलों के 80 नेता-कार्यकर्ता, पुलिस ने किया नजरबंद

Sat, 10 Oct 2026 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के चलते बरेली पुलिस भी अलर्ट है। पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली जा रहे विपक्षी दलों के 80 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। इससे वे दिल्ली नहीं जा सके। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में दिल्ली जा रहे विपक्ष के 80 नेताओं-कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उनके घरों में ही नजरबंद रखा। इस वजह से अधिकतर लोगों ने जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। कुछ कार्यकर्ता आम यात्रियों की तरह रवाना भी हो गए।

विज्ञापन


नेताओं की गतिविधियों से लेकर बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन तक एलआईयू की टीम सक्रिय रही। जिले में अलग-अलग जगह विपक्षी दलों के नेताओं के घर के बाहर पुलिस निगरानी करती रही। सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष एजाज अहमद, आंबेडकर वाहिनी के नेता सुरेंद्र सोनकर व ब्रजेश आजाद, एआईएमआईएम की पार्टी के आसिफ शेख आदि नेता नजरबंद किए गए। भाकियू चढ़ूनी गुट ने सीजेपी के प्रदर्शन को समर्थन का एलान किया था। इसके जिलाध्यक्ष को भी घर में ही निगरानी में लिया गया।

पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने बरेली में सीजेपी के नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की। टीमों को बरेली कॉकरोच पार्टी जैसी कुछ सोशल मीडिया आईडी तो मिलीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सीजेपी का कोई सीधा नेटवर्क नहीं मिला। मिलते-जुलते नाम वाली आईडी पर पोस्ट और उन पर आ रहे लोगों के कमेंट पर नजर रखी जा रही है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

बीस जिलों से दिल्ली भेजी गईं 25-25 महिला आरक्षी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दिल्ली पुलिस के आग्रह पर बरेली समेत आसपास के 20 जिलों से 25-25 महिला पुलिसकर्मी रवाना की गई हैं।

जिले में सीजेपी का कोई नेटवर्क नहीं 
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जिले में सीजेपी का कोई पदाधिकारी या नेटवर्क नहीं है। विपक्षी दलों के कुछ लोगों ने दिल्ली जाने का आह्वान किया था। अधिकतर को पुलिस ने मना लिया। कुछ लोगों के घर के पास एहतियात के तौर पर पुलिस लगाई गई है। हालांकि, किसी को हिरासत में लेने या कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें