बरेली जिले से करीब 80 बच्चे लापता हैं। वहीं, मानव तस्करी रोकथाम इकाई (एएचटीयू) थाने का स्टाफ अक्सर आराम के मूड में रहता है। अब एसएसपी इनका काम बढ़ाने की बात कह रहे हैं। जिले में कुछ साल पहले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की स्थापना की गई थी। इस इकाई का काम लापता बच्चों की तलाश, मानव तस्करी को रोकना, इस तरह के कृत्य करने वालों की निगरानी और धरपकड़ का है। थाने को फिलहाल उसका अपना भवन नहीं मिल सका है। यह एसएसपी दफ्तर परिसर के ही एक भवन में संचालित हो रहा है।
यहां इकाई प्रभारी के रूप में इंस्पेक्टर हरवीर सिंह की तैनाती है। इनके अलावा तीन दरोगा, आठ कांस्टेबल भी हैं। इसके बावजूद यहां एक-दो से ज्यादा पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। दो लापता बच्चों की तलाश का काम इनके पास है, साथ ही श्रम विभाग के साथ बचपन बचाओ अभियान में ये लोग साथ रहते हैं। बाकी समय आराम फरमाते हैं। बताते हैं कि यहां या तो थानों से सजा के तौर पर स्टाफ भेजा जाता है या फिर कुछ लोग स्वेच्छा से ही टाइमपास के लिए यहां पोस्टिंग ले लेते हैं।