बरेली। खुर्रमनगर गौंटिया में 300 बेड का अस्पताल 95 फीसदी तक बन चुका है। केवल फिनिशिंग ही बाकी बची है, लेकिन विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से अस्पताल का चलना अभी भी मुश्किल लग रहा है। अब अस्पताल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाने की कवायद शुरू हो गई है।
शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कुछ दिन पहले शासन को पत्र लिखा था। इसमें 300 बेड का अस्पताल जल्द शुरू कराने के लिए उसे सरकारी संसाधनों पर निर्भर न रहकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर देने का सुझाव दिया था। सोमवार को शहर विधायक इसे लेकर सीडीओ से भी मिले और 300 बेड का अस्पताल प्राइवेट एजेंसी को देने का प्रस्ताव शासन में भेजने की पैरवी की। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग से राय मशविरा करने के बाद नया अस्पताल प्राइवेट एजेंसी को देने का प्रस्ताव शासन में भेजने का आश्वासन शहर विधायक को दिया। सीडीओ ने कहा कि शहर विधायक का सुझाव अच्छा है क्योंकि जिला अस्पताल या सीएचसी पीएचसी केंद्रों पर इतने डॉक्टर नहीं हैं कि उनको 300 बेड के नए अस्पताल में तैनाती देकर ओपीडी शुरू कराई जा सके। इसे प्राइवेट एजेंसी ही बेहतर चला सकती है। अस्पताल में आने वाले गरीब परिवारों के इलाज का पेमेंट केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना से कराने का सुझाव है।
शहर विधायक ने इस संबंध में शासन को पत्र लिखा है। वह मुझसे भी मिले थे। शासन से अभी इस बारे में गाइड लाइन नहीं आई है। अभी तो 300 बेड के अस्पताल का निर्माण ही 31 जुलाई को पूरा हो पाएगा। इसके बाद ही इस संबंध में कुछ हो सकता है।
- डॉ. विनीत कुमार शुक्ला, सीएमओ