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क्योंकि स्कूल ही भाग्य विधाता नहीं..

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..क्योंकि सिर्फ स्कूल ही नहीं भाग्यविधाता
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टॉपर्स की लिस्ट से शहर के कई नामचीन स्कूल बाहर

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सीबीएसई के टॉपर्स की लिस्ट बता रही है कि कोई स्कूल किसी विद्यार्थी का भाग्यविधाता नहीं होता। मेधावी किसी भी स्कूल में पढ़कर अपनी मेहनत के दम पर झंडे गाड़ सकते हैं। टॉपर्स देने वाले स्कूलों की लिस्ट में इस बार कई ऐसे स्कूल गायब हैं जहां बच्चों का दाखिला कराने में अभिभावकों को पसीना छूट जाता था। तमाम मिन्नतों के बाद दाखिला होता था, उस पर भी पाबंदियां और शर्तें इतनी ज्यादा कि पूरी करनी मुश्किल हो जाएं। सीबीएसई के रिजल्ट ने इस बार इन स्कूलों की गलतफहमी तोड़ी है। साबित किया है कि अगर विद्यार्थी में दम है तो स्कूल कौन सा है, यह ज्यादा मायने नहीं रखता।
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सबसे ज्यादा टॉपर इस बार पीलीभीत के बेनहर स्कूल से निकले हैं। मंडल में टॉप करने वाली ज्योति सिंह डीपीएस बरेली की छात्रा हैं। जिले में दूसरे नंबर के टॉपर सेंट फ्रांसिस और माधव राव सिंधिया स्कूल से हैं। पिछले सालों में दबदबा रखने वाले शहर के कई स्कूल इस बार कोई टॉपर नहीं दे पाए। इन स्कूलों में दाखिलों की इतनी मारामारी रहती है कि स्कूल प्रबंधन एक-दो दिन में ही रजिस्ट्रेशन कर यह प्रक्रिया बंद कर देता है।
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