बरेली/ सीबीगंज। परसाखेड़ा स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक क ी हकीकत परखने पहुंचे परिवहन आयुक्त धीरज साहू की इनोवा कार ट्रैक में फंस गई। परिवहन आयुक्त ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अफसरों पर नाराजगी जताकर खामियां दूर करने पर जोर दिया। तत्काल ट्रैक की चौड़ाई बढ़ाने और सेंसर को ट्रैक से कुछ दूरी पर लगाने के निर्देश दिए। इससे पहले वह रोडवेज स्टेशन और कार्यशाला भी पहुंचे। वहां मनमाने कार्य पर मौजूद अधिकारियों को कसा।
लखनऊ से आए आयुक्त/प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम धीरज साहू शुक्रवार दोपहर अचानक विभागीय अफसरों के साथ परसाखेड़ा स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक देखने पहुंच गए। ट्रैक पर उन्होंने अपनी कार चलवाई तो आगे जाकर फंस गई, जिसे आधा घंटे बाद निकाला जा सका। ट्रैक निर्माण में तकनीकी खामियाें पर कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन के अफसरों को आडे़ हाथ लेकर ठीक करने के निर्देश दिए। आरटीओ डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि ट्रैक अभी हैंडओवर नहीं हुआ है। फिर उन्होंने प्रस्तावित आरटीओ ऑफिस और ट्रेनिंग सेंटर के भवन निर्माण का भी जायजा लिया। अफसरों ने बताया कि इसकी फाइल चल रही है। इस दौरान आरटीओ (प्रवर्तन) जयशंकर तिवारी, एआरटीओ उदयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
इससे पहले उन्होंने सेटेलाइट पर एसी बस में बैठे यात्रियों से फीड बैक लिया। इमरजेंसी विंडो को भी देखा। इसके बाद सेटेलाइट से बीसलपुर जा रही रुहेलखंड डिपो की बस के ड्राइवर-कंडक्टर से संचालन संबंधी जानकारी ली। लाइसेंस भी चेक किए और क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी एवं आरटीओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता से अपठनीय लाइसेंस के डुप्लीकेट जल्द बनवाने को कहा। क्षेत्रीय कार्यशाला में सेवा प्रबंधक अमर नाथ मेहता से जॉब कार्ड और बस मरम्मत संबंधी जानकारी मांगी। एक बस पर मनमाने तरीके से हो रहे पेंट और परिसर में फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। पुराना बस स्टेशन पर यात्री सुविधाएं देखीं। टिकट मशीनों की जानकारी की तो उनकी उपलब्धता कम होने और समय से ठीक न होने की जानकारी मिली। उन्होंने बसों और स्टेशन पर सफाई एवं यात्री सुविधाएं सुनिश्चित कराने को कहा। एआरएम चीनी प्रसाद, एसके वर्मा, कर्मचारी नेता रविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।