बरेली। प्रसपा के प्रदेश मुख्य महासचिव और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने जिस तरह नेताजी की मेहनत से बनी पार्टी को खत्म करने का संकल्प लेकर बसपा से गठबंधन किया है, सपाई भी उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यूपी समेत ज्यादातर राज्यों में सपा-बसपा की जूनियर पार्टनर है। ऐसे में अब अखिलेश को अपनी पार्टी का बसपा में विलय कर लेना चाहिए।
सिकलापुर स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सपा छोड़ने के बाद उस पार्टी पर किसी तरह की टिप्पणी करना वह उचित नहीं समझते। फिर भी उन्होंने उस पार्टी को खून-पसीने से सींचा है, इसलिए मजबूरी में बोलना पड़ता है। नेताजी ने जिन उद्देश्यों को लेकर पार्टी बनाई थी, पार्टी अब उससे पूरी तरह भटक गई है। अब गरीब, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की पार्टी नहीं रह गई है। नेताजी को पार्टी सम्मान नहीं दे रही है। लोकसभा चुनाव से पहले 80 में से 37 सीटें लेकर सपा पहले ही हाफ हो चुकी है। चुनाव बाद पूरी तरह साफ हो जाएगी। आप से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रहे और हाल ही में प्रसपा में शामिल सुनील यादव ने कहा कि पहले वह किराए के मकान में थे, अब अपने घर में आ गए हैं। कार्यक्रम में मलखान सिंह यादव, तारा सिंह सोलंकी, डॉ. मो. खालिद, डॉ. राजबाबू यादव, रमेश बघेल, अशोक यादव, डॉ. रविंद्र यादव, विशाल यादव, रेखा सिंह, गुलशन आदि मौजूद रहे।