बरेली। नौकरशाही की जिक्र की फिक्र में लटके आईवीआरआई ओवरब्रिज को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब नया खुलासा हुआ है कि यूपी स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी यूपीएसएचआई की आपत्ति पर सेतु निगम के अधिकारियों ने पुल की लंबाई ही घटा दी। इसके लिए इस पुल के नैनीताल रोड वाले छोर की लंबाई कम कर दी गई। सेतु निगम के अधिकारी हालांकि इसे मानने से इंकार कर रहे हैं लेकिन बताया जा रहा है कि इसी गोलमाल की वजह से पुल की ढाल भी मानक के अनुरूप नहीं रह गई है। दूसरी ओर, अब सेतु निगम अफसरों ने भी पुल पर काम बंद कर दिया है। लिहाजा चुनाव से पहले इसके चालू होने की रही-बची उम्मीद पर भी ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर सेतु निगम करीब 39 करोड़ की लागत से 701 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण कर रहा है। वाई शेप में बनने वाले इस पुल एक छोर आईवीआरआई, दूसरा कुदेशिया क्रॉसिंग और तीसरा नैनीताल की तरफ उतरना है। बताते हैं कि नैनीताल रोड की ओर पुल के छोर की लंबाई कम कर दी गई है। इस वजह से इसकी ढाल भी बिगड़ गई है। कारण यह बताया जा रहा है कि सेतु निगम के अधिकारियों ने जब इस पुल का जब नक्शा तैयार किया था तो नैनीताल की ओर पुल के स्लोप का करीब 22 से 25 मीटर हिस्सा पीडब्ल्यूडी के बजाय यूपीएसएचएआई के हिस्से पर आ रहा था। इसकी जानकारी जब स्टेट हाईवे के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई और सेतु निगम को नोटिस भी दे दिया। इस हाईवे पर टोल टैक्स का कांट्रेक्ट लेने वाली पीएनसी नाम की कंपनी ने इस पर इसलिए भी एतराज किया था कि पुल का निर्माण अगर उनके हिस्से में आने वाले हाईवे पर होगा तो काफी तोड़फोड़ होगी। इससे पब्लिक को काफी परेशानी होगी।
सूत्र बताते हैं कि यूपीएसएचएआई की तरफ से इस आपत्ति के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से इस पुल की ढाल को कुछ कम कर इसकी भरपाई कर दी थी। नैनीताल रोड पर पुल जैसे ही खत्म हो रहा है, उससे करीब दो से तीन मीटर आगे ही स्टेट हाईवे की सीमा शुरू हो रही है।
एक मीटर पर 30 सेमी होनी चाहिए ढाल
सेतु निगम के अधिकारियों की मानें तो ओवरब्रिज पर प्रति एक मीटर पर 30 सेंटीमीटर की ढाल होनी चाहिए। इस मानक को अगर कम किया जाता है तो वाहन चालकों को चढ़ने में असुविधा महसूस होती है। ज्यादा ढाल होने से वाहनों के अनियंत्रित होने की भी आशंका रहती है।
तय नहीं कि संशोधित एस्टीमेट में व्यू कटर शामिल या नहीं
श्यामगंज पुल पर व्यू कटर न होने से राहगीरों के मांझे से घायल होने की घटनाएं आए दिन हो रही थीं। बाद में एस्टीमेट को रिवाइज करके यहां व्यू कटर लगाए गए थे, जबकि आईवीआरआई पुल का भी रिवाइज एस्टीमेट भेजा गया है। इसके बाद इसकी लागत 34 करोड़ के बजाय 54 करोड़ से ज्यादा होनी है, लेकिन सेतु निगम के अधिकारी यह नहीं बता रहे कि बढ़ी रकम से व्यू कटर लगेंगे या नहीं।
रेलवे के साथ अब सेतु निगम ने भी खींचे हाथ
इस ओवरब्रिज को लेकर रेलवे के अधिकारी तो सुस्ती का रिकार्ड तोड़ ही रहे थे। क्रॉसिंग पर पुल बनाने का काम भी अब तक शुरू नहीं हुआ है। अंडरपास भी आधे-अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए हैं। सेतु निगम के अधिकारियों ने भी काम बंद कर दिया है, जबकि अभी नैनीताल और कुदेशिया की तरफ पुल के हिस्से में लोहे की रेलिंग लगाने आदि का काम होना है। रोड पर सीमेंट की रोड भी अधूरी पड़ी है। क्रॉसिंग के पास पुल का काम भी काफी बकाया है।