हार्टमन ओवरब्रिज- पुल की ऊपरी लेयर पर उधड़ने लगी कमीशनखोरी की परतें
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बरेली। हार्टमन ओवरब्रिज उधड़ रहीं सीमेंट की परतें कमीशनखोरी की गवाही देने लगी हैं। सीमेंट से बनी पुल की ऊपरी सतह कई जगह से इतनी ज्यादा उखड़ गई है कि अंदर की सरिया तक साफ दिखने लगी हैं। यही नहीं पुल पर दो जगह गहरे और खतरनाक गड्ढे तक हो गए हैं। लोगों का कहना है कि इस गड्ढे में कई बार बाइक सवार गिर चुके हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई है। जानकारों का कहना है कि पुल के ऊपर सड़क बनाने में अच्छी क्वालिटी का मैटेरियल इस्तेमाल नहीं किया गया है। इससे पहले भी ऊपरी लेयर खराब हो चुकी है, लेकिन मरम्मत के नाम पर लीपापोती कर दी गई थी।
सेतु निगम (इकाई-एक) ने किला-कुदेशिया रोड पर करीब दस साल पहले लगभग सात सौ मीटर लंबे हार्टमन पुल का निर्माण कराया था। इसके बाद इस पुल को पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड (भवन) को हैंडओवर कर दिया गया। बताते हैं कि इस पुल के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही पुल के ऊपर सड़क बनाने में भी अच्छी क्वालिटी का सीमेंट सहित अन्य सामग्री का प्रयोग नहीं हुआ। इसलिए यह सड़क बार-बार उधड़ जाती है। किला की ओर से पुल पर चढ़ते ही सड़क इस कदर खस्ताहाल हो चुकी है कि अंदर की सरिया दिखाई देने लगी है। इसके आगे बड़ा गड्ढा हो गया है। इस वजह से पुल पर चलना काफी खतरनाक है। कई बार बाइक और कार वाले इसकी वजह से हादसे का शिकार होने से बचे हैं। बावजूद इसके पुल की मरम्मत का काम नहीं कराया जा रहा।
कई बार मरम्मत के नाम ठिकाने लगाई जा चुकी है रकम
- ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से पर हुए गड्ढों को भरने के नाम पर पीडब्ल्यूडी करीब सालभर पहले मोटी रकम खर्च कर चुका है, लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हुई, इस वजह से यह सड़क चंद दिन भी नहीं टिक सकी। अब फिर मरम्मत के लिए करीब 15 लाख रुपये का बजट मांगा गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इस बार कोलतार से रोड बिछाई जाएगी।
मामला मेरे संज्ञान में आया है कि हार्टमन पुल पर ऊपरी सतह कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार करके चीफ इंजीनियर कार्यालय में भिजवा दिया गया है। - वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन
अब यह पुल लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर हो चुका है। पुल की मरम्मत का काम पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को ही करना है। -विज्येंद्र सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम (इकाई-एक)