दबतोरी (बदायूं)। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर में चंदा मांगने के लिए पहुंचे दो युवकों के लिए गुरुवार का दिन महंगा पड़ गया। ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझकर दबोच लिया। दोनों युवक हालांकि खुद को बेगुनाह बताते रहे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने भी देर रात को उन्हें क्लीनचिट दे दी।
मामला गुरुवार शाम का है। गांव में बाहरी दो युवकों को चंदा मांगता देख कुछ लोगों को शक हो गया। ग्रामीणों ने उनसे नाम और पता पूछा तो दोनों ने अपना नाम और पता बता दिया। खुद को कासगंज जिले के सहावर का निवासी बता रहे मुन्ना और अरविंद ने चंदा मांगने का उद्देश्य भी स्पष्ट कर दिया लेकिन ग्रामीणों का शक कम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने दोनों को चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया। पिटाई के दौरान दोनों युवक बचाव के लिए गिड़गिड़ाते रहे। बाद में ग्रामीणों ने 100 नंबर पर डायल कर पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों के चंगुल से दोनों को मुक्त कराके कब्जे में ले लिया।
बाद में पुलिस चौकी पर पूछताछ के दौरान मुन्ना और उसके भाई अरविंद ने पुलिस कर्मियों को बताया कि वह उत्तराखंड में हरिद्वार की एक धार्मिक संस्था के लिए चंदा जुटाते हैं। संस्था से इसके एवज में उन्हें मेहनताना प्राप्त होता है। संस्था ने प्रति माह उन्हें चंदे के रूप में जो जुटाने की लिमिट तय की है, उससे अधिक चंदा मिलने पर बची रकम उनकी हो जाती है। चौकी इंचार्ज ने सहावर थाने बात करके दोनों के बारे में तस्दीक भी कर ली। बाद में उन्हें हिरासत मुक्त कर दिया गया। बता दें कि लक्ष्मीपुर में पिछले कुछेक दिनों से सोलर लाइटों और बाइकों की बैटरियों की चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ था। इसी वजह से ग्रामीणों को शक हुआ कि ऐसे ही युवक चोरी की घटनाओं के लिए दिन में आकर रेकी कर निकल जाते हैं और रात में घटना को अंजाम देते हैं।