बरेली। 25 मार्च को कैंट बोर्ड की बैठक में घोड़ा बटालियन रोड के चौड़ीकरण का सुझाव केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सैन्य अधिकारियों को दिया था। ताकि इस सड़क पर यातायात सुगम रहे और सेना के घोड़ों को भी प्रदूषण से मुक्त रखा जा सके। जिसे मिनट्स में दर्ज किया जाना था, लेकिन पिछले दिनों जारी हुए रिकॉर्ड में यह सुझाव दर्ज न करने पर बोर्ड सदस्यों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने आगामी बोर्ड बैठक मेें इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने की बात कही है।
बोर्ड बैठक के मिनट्स, इसमें लिए गए फैसलों के अहम सुबूत होते हैं। जो भविष्य में किसी आपत्ति पर प्रस्तुत किए जा सकते हैं। ऐसे में मिनट्स से सड़क चौड़ीकरण की चर्चा हटाए जाने पर बोर्ड सदस्यों ने आपत्ति जताई है। बोर्ड सदस्य अब्दुल हमीद ने बताया कि अधिकारी अपनी मंशानुसार बोर्ड बैठक में की गई चर्चा पर निर्णय लेकर मिनट्स तैयार कराते हैं। जोकि नियम विरुद्ध है। नियमानुसार बोर्ड की चर्चा, सुझाव और आपत्तियों को बाकायदा दर्ज किया जाना चाहिए। ताकि निर्णयों पर अमल किया जा सके। कहा कि, यह पहला मामला नहीं है जब मिनट्स में बदलाव हुआ है, इससे पहले भी कई बार सदस्यों के सुझाव और आपत्तियां हटाई जा चुकी हैं। वहीं, उपाध्यक्ष शिखा नायर ने आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखने की बात कही है। मामले पर कैंट बोर्ड अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
आसान नहीं है रोड चौड़ीकरण
स्टेशन हेडक्वॉर्टर, एडम कमांडेंट कर्नल पी अमित का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए अच्छा खासा बजट चाहिए। जिसकी उपलब्धता के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक घोड़ा बटालियन रोड के चौड़ीकरण के दौरान काफी तादाद में निर्माण ध्वस्त होंगे, हरियाली काटी जाएगी। जिससे निर्माण में अच्छी खासी लागत लगेगी। इसके संरक्षण के लिए सेना ने फिलहाल सड़क चौड़ीकरण पर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, एसएसपी की ओर से घोड़ा बटालियन रोड सुबह नौ से रात आठ बजे तक वन-वे करने के आदेश के बाद चौड़ीकरण का मामला दरकिनार होता दिखाई दे रहा है।