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खतौनी कांड: रिकॉर्ड रूम के परगना अरेंजर का चार्ज छिना, जांच शुरू

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बरेली। खतौनियों में जालसाजी के मामले में आखिरकार कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम के परगना अरेंजर नप ही गए। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने चार्ज छीनते हुए उनका बहेड़ी ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही कई गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए विभागीय जांच भी बैठा दी है। माना जा रहा है कि नियमों की अनदेखी कर खतौनी रिकार्ड को फोटो कॉपी कराने के लिए बाहर भेजने और उनके रखरखाव में लापरवाही जैसे मामले परगना अरेंजर पर भारी पड़ सकते हैं।
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हाल ही में रिकार्ड रूम में खतौनी और जिल्दों की हालत काफी खराब मिली थी। इसके अलावा रिकार्ड रूम से खतौनियों की कॉपी के लिए उन्हें बाहर फोटोस्टेट की दुकानों पर भेजे जाने को भी गंभीरता से लिया गया। फतेहगंज पूर्वी और नवाबगंज के डंडिया नजमुल निशा में सामने आए जमीन घोटालों के मद्देनजर माना गया कि खतौनियों में जालसाजी उन्हें फोटोकॉपी के लिए बाहर भेजने के बहाने ही की गई। इस पर रिकार्ड रूम के कई कर्मचारियों पर पहले से ही जांच बैठी हुई है। मगर इसके बावजूद गड़बड़ियाें का सिलसिला रुका नहीं था। कमिश्नर रणवीर प्रसाद भी रिकार्ड रूम की खामियों पर काफी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। अब कड़ाई दिखाते हुए डीएम ने रिकॉर्ड रूम के परगना अरेंजर अनिल सक्सेना से रिकार्ड रूम का चार्ज छीन लिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से तहसील बहेड़ी स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह बहेड़ी तहसील में एडब्ल्यूबीएन कमलेश शर्मा को कार्यभार सौंप दिया गया है। डीएम की इस कार्रवाई से रिकार्ड रूम के दूसरे बाबुओं में भी हड़कंप मचा हुआ है।

रिकार्ड रूम में तमाम गड़बड़ियां सामने आ रही थी। इसमें परगना अरेंजर की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसलिए उससे चार्ज ले लिया गया है। साथ ही जांच भी बैठा दी गई है ताकि कोई और घपला हुआ है तो वह भी सामने आए। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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