बरेली। नाथ नगरी एयर टर्मिनल से उड़ानें शुरू करने के नाम पर अफसर फिलहाल बेपर की उड़ाने में लगे हैं, ऐसे में कुछ तय नहीं हो पा रहा है कि यहां से हवाई जहाज उड़ाने में अभी कितना वक्त और लगेगा। कागजी खानापूरी में माहिर अफसरों की राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर टालमटोल पर खुद एसएलओ भी बुरी तरह झल्लाए हुए हैं। उन्होंने खुलकर कहा है कि नाथ नगरी एयर टर्मिनल पर किसी की काम करने की इच्छा नहीं दिख रही है। छोटी-मोटी बातों पर भी सिर्फ पत्र लिखे जा रहे हैं। हद यह है कि पत्र लिखने जैसे काम में भी 15-20 दिन तक का समय लगाया जा रहा है।
नाथनगरी एयर टर्मिनल से 2018 में ही उड़ानें शुरू करने का सपना देख रही सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट को अफसर पूरा होने देने को तैयार नहीं हैं। हाल ही में एयरफोर्स ने टैक्सी-वे बनाने के लिए इस्तेमाल होने जा रही अपनी 199 मीटर जमीन का 20 लाख रुपये मासिक किराया एयरफोर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मांगकर धीमी गति से चल रहे इस प्रोजेक्ट को एक और झटका दे दिया है। प्रशासनिक अफसर इस पर आश्चर्यचकित हैं। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह और नोडल अफसर सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने अगले हफ्ते वन विभाग, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन जलनिगम, एक्सईएन पावर कारपोरेशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों की मीटिंग बुलाई है। दिक्कत यह भी है कि अब तक राज्य सरकार ने बिजली पोल की शिफ्टिंग का 1.52 करोड़ रुपये का बजट भी नहीं भेजा और रक्षा मंत्रालय से एनओसी भी नहीं मिल पा रही है। इस बीच एसएलओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने इस मामले में अफसरों के खेल पर खुलकर निराशा जताई है। कहा है कि हर विभाग का प्रमुख एक-दूसरे को सिर्फ पत्र लिखकर खानापूरी कर रहा है। ये हालात देखकर नहीं लग रहा कि एयर टर्मिनल से हवाई उड़ान जल्द शुरू हो पाएगी।
एयरफोर्स ने अपनी जमीन इस्तेमाल करने के बदले एयरपोर्ट अथॉरिटी से 20 लाख रुपये मासिक किराया मांगा है। इस पर अगले हफ्ते सभी विभाग प्रमुखों की मीटिंग बुलाई गई है। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी