पीडब्ल्यूडी में दो क्लर्कों की नियुक्तियां फर्जी दस्तावेजों पर होने के मामले में कमिश्नर और डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी पहले ही इस मामले की जांच कर रहे हैं। इस मामले में वर्ष 2010 में आरटीआई के तहत सूचना मांगी गई थी। उस वक्त बरेली वृत्त के अधीक्षण अभियंता ने यह रिपोर्ट दे दी थी कि दोनों क्लर्कों की नियुक्तियां ही नहीं हुई है। जाहिर है कि पहले भी अफसरों ने इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की थी।
पीडब्ल्यूडी में कार्यरत समीक्षा और श्वेता नाम की दो क्लर्कों के खिलाफ यह शिकायत हुई है कि उन्होंने फर्जी रिकार्ड के आधार पर मृतक आश्रित कोटे में नियुक्तियां हासिल कर ली हैं। चीफ इंजीनियर का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। अधिशासी अभियंता स्तर पर नियुक्ति संबंधी रिकार्ड तलब किए जा चुके हैं। इसमें तथ्यों और सूचनाओं की जांच चल रही है। यह मामला उजागर होने के बाद कमिश्नर और डीएम ने भी जांच करने के आदेश दे दिए हैं। इससे विभागीय कर्मचारियों में और खलबली मच गई है। इधर, पीएमजीएसवाई कार्यालय में मृतक आश्रित में अनुभव चौहान नाम के एक शख्स की नियुक्ति के मामले में भी विभागीय अफसरों ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। इस मामले में तथ्यों को छिपाने वाले दोषी बाबुओं पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। एक्सईएन राजवीर सिंह का कहना है कि कर्मचारियों से जवाब मांगे जा चुके हैं। प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता ही है।