नकटिया स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो जाने से गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। स्टाफ ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। अस्पताल संचालिका डॉक्टर से भी अभद्रता की गई। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर कैंट और बिथरीचैनपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद परिवार के लोगों को शांत कराया जा सका। बाद में करीब तीन घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
नकटिया की रहने वाली प्रीति शंखधार (25) को सोमवार सुबह आठ बजे प्रसव के लिए निसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने हालत गंभीर देखकर 9:30 बजे ऑपरेशन किया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही प्रीति की हालत बिगड़ गई। प्रीति के पिता मनोज मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को रक्तस्राव होने लगा था। वह छुट्टी कराना चाहते थे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अड़ा रहा। इसी लापरवाही में प्रीति की जान चली गई। कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद परिवार के लोगों ने तहरीर वापस ले ली है।