सरकारी सिस्टम किस तरह काम करता है इसका नमूना परीक्षा केंद्र निर्धारण में हुई धांधली की जांच में देखने को मिला है। 11 साल तक शिकायत एक के बाद दूसरे विभाग के चक्कर काटती रही, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब सीएम दरबार से आदेश आने के बाद मामले की जांच होगी। कमिश्नर ने शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित कर दी।
मामला बदायूं का है। शैक्षिक सत्र 2006-7 में परीक्षा केंद्र निर्धारण में धांधली हुई थी। शासन में शिकायत हुई कि जनपदीय समिति से मिलकर शिक्षा माफिया ने मनमाने सेंटर बनवा लिए और उनमें मनचाहे कॉलेजों का आवंटन करा लिया। इन केंद्रों पर जमकर नकल कराई गई थी। मामले की शिकायत शासन में हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जांच कार्यालय दर कार्यालय चलती रही। 11 साल में मामले की जांच ही नहीं हुई। मामला सतर्कता जांच में गया। पिछले दिनों सीएम ने जिला प्रशासन से इसकी रिपोर्ट मांग ली। सीएम दरबार से पत्र आते ही अफसरों में खलबली मच गई। शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ कमिश्नर ने बैठक की और जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी। समिति का अध्यक्ष जेडी शिवप्रकाश द्विवेदी को बनाया गया है। इसके अलावा, डीएम बदायूं, क्षेत्रीय सचिव माध्यमिक शिक्षा और एक प्रशासनिक अधिकारी को लगाया गया है। अब मामले की जांच होगी।
2006-7 के परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर सतर्कता जांच आई है। कमिश्नर ने जांच समिति बना दी है। जल्द मामले की जांच शुरू कर दी जाएगी।
- शिवप्रकाश द्विवेदी, जेडी बरेली मंडल