बीडीए बोर्ड बैठक में कमिश्नर ने कहा- जेई होंगे अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण के जिम्मेदार
बरेली। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण की बड़े स्तर पर शिकायतें मिल रही हैं। जिस एरिया में अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां उनको रोकने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जेई की होगी। जेई के रहते हुए अगर अवैध निर्माण हो रहे हैं तो प्राधिकरण की ओर से उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सील हुए अवैध निर्माण दोबारा होने पर भी जेई को जिम्मेदार माना जाएगा।
बीडीए बोर्ड की आयुक्त सभागार में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक की पुष्टि की गई। उसके बाद प्रधानमंत्री आवास निर्माण के प्रस्ताव पर बोर्ड सदस्यों ने आपत्ति उठाई। राजेश अग्रवाल ने कहा कि पीएम आवास एक ही फर्म दो जगह रिठौरा और उमरसिया में बना रही है। फर्म के ठेकेदार से शपथ पत्र लें कि वह कोर्ट नहीं जाएंगे। अगर ठेकेदार काम छोड़कर कोर्ट चला गया तो दिक्कत होगी। अन्य सदस्यों ने बताया कि शहर में बहुत से बारातघरों में पार्किंग के इंतजाम नहीं हैं। इनसे जाम लगता है। कमिश्नर ने कहा कि निर्माणाधीन बारातघर मानक के अनुरूप बनें। बिना मानक बनने वाले बारातघरों पर प्राधिकरण नियमों के अंतर्गत तुरंत कार्रवाई हो। ट्यूलिया में 0.7910 हेक्टेयर जमीन पर फारेंसिक लैब के भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया गया। गाटा नंबर 212 रकबा 6370 वर्ग मीटर जमीन पर फारेंसिक लैब निर्माण का काम एक साल से लटका था। अब फारेंसिक लैब बनने का रास्ता साफ हो गया। साहित्यिक और रंगमंच कार्यक्रमों के लिए संजय कम्यूनिटी हाल रियायती दर पर 5000 रुपये में मिलेगा। हालांकि ऐसे कार्यक्रमों की जांच बीडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी। क्राइम ब्रांच बिल्डिंग भवन के लैंडयूज बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हेा गया। बोर्ड में सात प्रस्ताव रखे गए, उनमें छह मंजूर हो गए। बैठक में बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार, सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, सीटीपी आशीष शिवपुरी, एसई एके जायसवाल समेत बोर्ड सदस्य मौजूद थे।
बीडीए की आमदनी में कमी
बीडीए की आमदनी में इस साल 90 करोड़ से ज्यादा की कमी आई है। इस साल रामगंगा नगर आवासीय योजना से 50 करोड़ हासिल करने का लक्ष्य था, लेकिन मात्र पांच करोड़ रुपये ही आय हुई। बीडीए का पुराना आफिस 16.5 करोड़ रुपये में बिकना था, लेकिन एलआईसी ने उसे खरीदने से मना कर दिया। वह आमदनी भी कम हो गई। ट्रांसपोर्ट नगर में खाली प्लाट बिकने से 22 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य था, लेकिन वह प्लाट नहीं बिके। इस तरह 200 करोड़ आमदनी के लक्ष्य के सापेक्ष बमुश्किल 110 करोड़ रुपये ही आ सके।
भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव अगली बैठक में
शाहजहांपुर रोड पर ग्राम हदयपुर उर्फ फरीदपुर में गाटा संख्या 136, 137, 139, 140, 141 और 149 में 16.5 हेक्टेयर जमीन को कृषि योग्य से आवासीय भू-उपयोग में परिवर्तन के लिए रखा गया। बीडीए को इस जमीन से ले आउट स्वीकृत करने और डेवलपमेंट शुल्क के रूप में 16.5 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। सदस्यों की आपत्ति पर बोर्ड ने निर्णय लिया कि पहले जमीन के टाइटल का पूरा परीक्षण कर लिया जाये। ले आउट मानचित्र के साथ में खतौनी भी हो। उसके बाद प्रस्ताव अगली बैठक में रखा जाए।