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फर्जी स्कूल पकड़ा, एफआईआर दर्ज

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बरेली। शिक्षा माफिया किस तरह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, इसकी बानगी शनिवार को भुता के मेहतरपुर तिजा सिंह गांव में देखने को मिली। यहां बिना मान्यता के चल रहे श्री चंद्रशेखर आजाद विद्या मंदिर में छह से बारह तक की कक्षाएं लगती गईं। डीआईओएस ने छापा मारकर मामला पकड़े जाने के बाद थाना फरीदपुर में प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। खास यह है कि दिन में यहां स्कूल चल रहा था और रात को कोचिंग क्लासेज लगाई जा रही थीं।
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इस कॉलेज को डीआईओएस कई बार अवैध कक्षाएं बंद करने की हिदायत दे चुके थे, फिर भी इस कॉलेज को बंद नहीं किया गया। शनिवार को जब डीआईओएस ने छापा मारा तो यहां छह से बारह तक की कक्षाएं चलती पाईं। डीआईओएस को छात्रों ने बताया कि कक्षा नौ, 10, 11 और 12 तक के छात्र यहां हैं। 12वीं के छात्रों का दूसरे कॉलेज में प्रवेश कराकर कक्षाएं यहां लगाई जाती हैं। स्कूल ने बेसिक शिक्षा विभाग से अस्थायी मान्यता ली थी लेकिन उसकी भी अवधि समाप्त हो चुकी थी। डीआईओएस के निर्देश पर राजकीय हाईस्कूल इनामतपुर भुता के प्रधानाचार्य आशुतोष शर्मा की ओर से थाना फरीदपुर में स्कूल प्रबंध के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

जिले में अवैध स्कूलों का जाल
जिले के हर कोने में शिक्षा माफिया हावी हैं। बरेली शहर की परिधि में ही 200 से ज्यादा अवैध स्कूल चल रहे हैं। इन्हें चला रहे माफिया बोर्ड परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर छात्रों के प्रवेश लेते हैं। कक्षाएं अपने यहां चलाते हैं तो पंजीकरण किसी दूसरे कॉलेज में होता है। नकल कराने के लिए जुगाड़ करके परीक्षाओं में उन्हीं केंद्रों पर ड्यूटी लगवाते हैं जहां उनके बच्चों का सेंटर होता है। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सघन जांच अभियान चलाकर ऐसी दुकानें बंद कराई जाएंगी।
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फर्जी संसाधन दिखाने वाले कॉलेज नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
ब्यूरो
बरेली।
जिले के जिन कॉलेजों ने ऑनलाइन डाटा भेजकर बोर्ड परीक्षा केंद्र के मानक पूरे करने का फर्जी दावा किया है, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। शासन के निर्देश पर ऐसे कॉलेजों का पता लगाने के लिए डीआईओएस भौतिक सत्यापन करा रहे हैं।
बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो और मानक पूरे करने वाले कॉलेज ही केंद्र बनें इसके लिए शासन ने इस बार सभी कॉलेजों से ऑनलाइन डाटा फीड कराया था। इसमें संसाधनों के अलावा उपलब्ध परिसर, लोकेशन, बाउंड्रीबाल अन्य सुविधाओं को ब्योरा दिया जाना था। डीआईओएस के कई नोटिस देने के बाद तो कॉलेजों ने डाटा फीड किया। अब शासन की मंशा है कि इसे क्रॉस चेक कर लिया जाए ताकि सारी हकीकत सामने आ सके। इसलिए सभी कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। डीआईओएस अचल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर कॉलेजों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जो कॉलेज मानक पूरे करेंगे, उन्हीं को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
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