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हत्या में ससुर की जमानत अर्जी खारिज

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बरेली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम सरोज ने दहेज के कारण पुत्रवधू की हत्या के आरोपी ससुर थाना सुभाषनगर के मोहल्ला वंशीनगला निवासी पूरनलाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। डीजीसी फौजदारी फिरासत उल्ला खां के अनुसार, वादी सुरेंद्र सिंह मौर्य ने थाना सुभाषनगर में तहरीर दी कि उन्होंने अपनी पुत्री विमलेश का विवाह पूरनलाल के पुत्र इंद्रपाल से सात मई 2009 को किया। ससुराल में विमलेश को परेशान किया जा रहा था। बाद में फोन पर सूचना मिली कि विमलेश की मौत हो गई। पोस्टमार्टम मेें मौत कीटनाशक से होना पाया गया। वहीं, पूरनलाल ने जमानत प्रार्थनापत्र में तर्क दिया कि वह 80 वर्ष का है और सब्जी उगाने का कार्य करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि विमलेश ने घर से सब्जियों पर छिड़काव के लिए रखी दवा निगल ली। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में विमलेश की मौत हो गई। मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत का कोई आधार नहीं पाया।
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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के
मामले में पति को जमानत नहीं
बरेली। आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोपी थाना भोजीपुरा के गांव रमियापुर निवासी तेजपाल की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम सरोज ने खारिज कर दी। अर्जुन सिंह यादव ने थाना भोजीपुरा में लिखाई रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने अपनी पुत्री सुनैना की शादी 22 सितंबर 2009 में रामचंद्र यादव के पुत्र तेजपाल से की थी। तेजपाल कुछ दिन बाद सुनैना को परेशान करने लगा। तेजपाल, उसके भाई वीरपाल, वेदपाल और उसकी मां सुनैना को मारते पीटते थे। 23 जुलाई 2016 को फोन पर सुनैना की मौत की सूचना मिली। जब वह सुनैना की ससुराल पहुंचा तो लाश बरामदे में रखी थी। तेजपाल की ओर से जमानत अर्जी में तर्क दिया गया कि सात वर्ष की पुत्री के अलावा कोई पुत्र न होने से वह मानसिक तनाव में थी, इसलिए आत्महत्या कर ली। विवेचक ने भी लिखा कि मृतका ने स्वयं पर मिट्टी का तेल छिड़क आग लगा ली। वादी ने विवेचक के खिलाफ शिकायत की कि वह विवेचना ठीक नहीं कर रहे हैं। जमानत का कोई आधार नहीं पाया गया।
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