408 गांवों के रिकार्ड में हेराफेरी, जमीन के मालिक और दस्तावेजों में दर्ज नाम में अंतर मिला
बरेली। तहसील के रिकार्ड रूम में रखी 408 गांवों की 700 से अधिक खतौनियों को खुरचकर उनमें भूमि मालिक का नाम बदले जाने का मामला प्रकाश में आया है। मालिक के नाम में हेराफेरी करके माफिया द्वारा इनकी भूमि को ठिकाने लगाने की योजना थी। इस खेल में सरकारी ओहदों पर बैठे लोग भी माफिया का साथ निभा रहे थे। पूरा मामला तब पकड़ में आया जब एसडीएम ने ऑपरेशन अभिलेख के तहत तहसील के रिकार्ड को क्रास चेक कराना शुरू किया। 700 से ज्यादा ऐसी खतौनियां मिलीं जिनमें दर्ज नाम भूमि मालिक के नाम से अलग था। पहले भी जिले में खतौनियों को खुरचकर जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। तहसील स्टाफ को अब रिकार्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसील के रिकार्ड रूम में 408 गांवों के हजारों भूस्वामियों की खतौनियां रखी गई हैं। प्रशासन ने ऑपरेशन अभिलेख के तहत जब इन सभी की खतौनियों को खंगाला तो करीब 700 खतौनियां ऐसी मिली हैं, जिसमें भूस्वामी का वास्तविक नाम और खतौनियों में उनके नाम में फर्क सामने आ रहा है। ऐसे में अगर कोई भूस्वामी अपनी जमीन की खरीद-बिक्री करना चाहे तो इस घपले की वजह से उसे अपने स्वामित्व को साबित करने के लिए तहसील और कोर्ट के भी चक्कर काटने पड़े रहे हैं। बताते हैं कि ऐसे पीड़ितों का फायदा उठाकर भूमाफिया उनकी जमीनों का औने-पौने में सौदा करते हैं या फिर रिकार्ड की इस कमी से वह अवैध कब्जा कर लेते हैं। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने खतौनियों में मिली इन गंभीर गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के निर्देश तहसील स्टाफ को दिए हैं। अफसरों का कहना है कि इसमें तमाम खतौनियां ऐसी भी हैं, जिसमें काश्तकारों के नाम के शब्द गड़बड़ हैं। अभियान में इन्हें ठीक किया जाएगा।
खतौनियां ठीक न होने से नहीं मिल पाता योजनाओं का लाभ
किसान सम्मान निधि हो या फिर सरकार की ओर से किसानों को दी जाने वाली दूसरी सुविधाएं। इन सभी में किसानों को अपने दस्तावेज जमा करने होते हैं। तमाम किसान ऐसे हैं जो दस्तावेजों में हुई इन गड़बड़ियों की वजह से पात्र होने के बावजूद सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते।
महिला के प्लांट की बाउंड्री तोड़कर कब्जा होने की शिकायत
हरूनगला की रहने वाली जामवती ने डीएम को शिकायत की है कि उसके दो बेटे हैं। उसकी पैतृक जमीन के तीन हिस्से हुए थे। महिला का कहना है कि उसने और उसके छोटे बेटे ने अपनी जमीन का किसी के नाम बैनामा नहीं किया है लेकिन कुछ दिन पहले उनकी जमीन पर बनी पांच फुट की बाउंड्री को तोड़कर उसमें कई ट्रॉली मिट्टी डालकर कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत होने के बावजूद ककार्रवाई नहीं की जा रही।
तहसील के रिकार्ड की जांच में खतौनियों में भूस्वामियों के नाम में गड़बड़ी मिली है। इसे ठीक कराया जा रहा है, ताकि लोगों को आगे कोई दिक्कत न हो। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर।