फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉडल टाउन में टूटी 68 साल की परंपरा, दशहरा मेला इस बार नहीं

सार

मॉडल टाउन में 68 सालों से लगता आ रहा शहर का सबसे प्रतिष्ठित और बड़ा दशहरा मेला इस बार नहीं लग पाया।दरअसल यह मेला स्पोर्ट्स स्टेडियम की जमीन पर लगता था, जिस पर कुछ निर्माण होने की वजह से इस बार मेले की अनुमति नहीं दी गई।कुष्ठ आश्रम की इस जमीन पर कुछ समय पहले ही नगर निगम ने कब्जा लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली। मॉडल टाउन में 68 सालों से लगता आ रहा शहर का सबसे प्रतिष्ठित और बड़ा दशहरा मेला इस बार नहीं लग पाया। दरअसल यह मेला स्पोर्ट्स स्टेडियम की जमीन पर लगता था, जिस पर कुछ निर्माण होने की वजह से इस बार मेले की अनुमति नहीं दी गई। आयोजकों का नगर निगम से कुष्ठ आश्रम की जमीन पर मेला लगाने की अनुमति लेने का भी प्रयास सफल नहीं हो पाया।
विज्ञापन

मॉडल टाउन में दशहरा मेला की शुरुआत 1954 में हुई थी। डॉ. भीमसेन ओबराय, परमानंद चिक्कड़, हंसराज खनिजो, राममूर्ति लाल जैसे शहर के तमाम नामवर लोग मेला आयोजकों में शामिल थे। इनमें ज्यादातर लोग देश विभाजन के बाद पाकिस्तान से आकर मॉडल टाउन में बसे थे। तभी से मॉडल टाउन में हर साल दशहरा मेला लगता आ रहा था। धार्मिक सेवा समिति की ओर से लगने वाले इस मेले में शहर के तमाम जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के नेता, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग पहुंचते रहे हैं। इसे शहर के सबसे बड़े दशहरा मेले की शोहरत हासिल है।
इस मेले का आयोजन मॉडल टाउन में ही उस मैदान पर होता रहा है जो स्पोर्ट्स स्टेडियम की मिल्कियत है। अब स्टेडियम प्रशासन ने इसके एक हिस्से पर कुछ निर्माण करा रहा है। मेला कमेटी के अध्यक्ष सतीश खट्टर और महामंत्री रवि छाबड़ा ने स्टेडियम प्रशासन से बाकी जमीन प र मेला लगाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अफसरों ने इन्कार कर दिया। नगर निगम के अधीन कुष्ठ आश्रम की जमीन पर भी मेला लगाने की अनुमति नहीं मिली। मॉडल टाउन दशहरा मेला में नवमी पर लंका दहन होता था जो इस बार नहीं हो पाया। इससे पहले राजगद्दी भी नहीं निकाली जा सकी।
विज्ञापन

लोगों में मायूसी और गुस्सा भी
मेला कमेटी के उपाध्यक्ष अश्वनी ओबेराय ने बताया कि मेला ग्राउंड पर स्टेडियम निर्माण कार्य करा रहा है। उन्होंने स्टेडियन प्रशासन से मांग की थी कि जो हिस्सा निर्माण कार्य से मुक्त है, उस पर उन्हें मेला लगाने की अनुमति दे दी जाए लेकिन स्टेडियम प्रशासन तैयार नहीं हुआ। इसके बाद कमेटी के लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलकर कुष्ठ आश्रम के मैदान पर मेला लगाने की अनुमति लेने की कोशिश की लेकिन उन्होंने भी इन्कार कर दिया। कुष्ठ आश्रम की इस जमीन पर कुछ समय पहले ही नगर निगम ने कब्जा लिया है।
राजगद्दी प्रभारी मनोज अरोड़ा ने बताया तीन दिन के मेले का लोगों को काफी इंतजार रहता था। नवमी से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते थे। दशहरे से एक दिन पहले सनातन धर्म मंदिर से राजगद्दी निकालती थी, जिसके मेला मैदान पहुंचने पर लंका दहन किया जाता था। दशमी पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते थे। अगले दिन भरत मिलाप का कार्यक्रम होता था। मॉडल टाउन और आसपास के लोगों में मेला न लगने से काफी मायूसी का माहौल है और गुस्सा भी।
आज होगा रावण का दहन
बरेली। दशमी पर बुधवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। इसके में मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन होगा। हार्टमैन कालेज मैदान के दशहरा मेले में रात 8:30 बजे, जोगीनवादा के दशहरा मेले में 8:45 बजे, कैंट की गोल बगिया में 7:30 बजे, सुभाषनगर में 7:00 बजे और शाहदाना गंगापुर मेला मैदान पर रात नौ बजे रावण दहन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें