बरेली। कैंट बोर्ड की बैठक में पिछले दिनों अवैध निर्माण कार्यों को चिह्नित करने का प्रस्ताव पास होने के बाद सर्वे शुरू कर दिया गया है। इससे पहले यह सर्वे चार साल पहले हुआ था। बगैर अनुमति रिहायशी इलाके में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस सर्वे की भनक से कैंट की आबादी वाले इलाकों में हलचल मची हुई है।
पिछले दिनों बोर्ड की मीटिंग में आय के स्रोतों को बढ़ाने के लिए कैंट क्षेत्र में चल रही सालों पुरानी 89 दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव रखा गया था जिस पर दुकानदारों और सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। तर्क दिया कि 60 सालों से ज्यादा समय से चल रहीं इन दुकानों की नीलामी से लोगों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा, जिस पर कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने वर्षों पहले हुए दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया, किराया बढ़ाने की दर समेत नए दुकानदारों को चिह्नित कर रिपोर्ट तलब की। कैंट क्षेत्र में बगैर अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों पर सदस्य अब्दुल हामिद ने आपत्ति जताई थी, जिस पर कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने क्षेत्र के सभी बगैर अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कैंट बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक निर्देशों के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।
हर घर का तैयार हो रहा रिकॉर्ड
बताया जाता है कि सैन्य सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए करीब चार साल बाद सैन्य अधिकारियों की मांग पर सर्वे टीम निवासियों की भी कुंडली तैयार कर रही है। रिहायशी इलाकों में भवन, दुकान निर्माण सर्वे समेत प्रत्येक आवास के निवासी और किराएदारों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि संबंधित मामले पर सेना और कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने सुरक्षा कारण बताते हुए कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।