बरेली। राह चलते किसी शख्स के फोन की अचानक घंटी बजी, कॉल रिसीव करते ही कोई परिचित बताने लगा कि टीवी पर जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, जल्द कहीं टेलीविजन देखो। ऐसे ही एक-दूसरे से होते हुए यह खबर कुछ ही देर में आग की तरह फैल गई। सड़कों पर कुछ देर के लिए सन्नाटा खिंच गए। लोग दम साधकर प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू होने और नोटबंदी जैसा कोई संकट सामने आने पर मन ही मन उसका सामना करने के लिए तैयार होने लगे। अफसरों, व्यापारियों के साथ आम लोगों पर भी करीब एक घंटे का इंतजार काफी भारी गुजरा। टीवी चैनलों पर शुरू हुई बहस ने लोगों को इतना इत्मीनान जरूर दिलाया कि चुनाव आचार संहिता के चलते प्रधानमंत्री पर कुछ बंदिशें हैं, लिहाजा वह कोई चुनाव को प्रभावित करने वाली घोषणा नहीं करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विट की खबर फैलने के कुछ ही देर बाद श्यामगंज बाजार के कारोबारियों में सन्नाटा सा छाना लगा। दुकानदारों का मन ग्राहकों की तरफ से एकाएक उचट गया। जिन दुकानदारों के यहां टीवी लगे थे, उनके यहां आसपास के दुकानदारों की भीड़ लग गई। लोग एक-दूसरे से पूछने लगे कि प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू हुआ या नहीं। सबके मन में उत्सुकता थी और अपने-अपने कयास थे। कुछ व्यापारियों का कहना था कि अब कहीं दो हजार के नोट का नंबर तो नहीं लग गया। मगर कुछ जानकार बोले कि ऐसा नहीं होता, अभी चुनावी समय है। सोशल साइट्स पर भी इसको लेकर कयास लगने शुरू हो गए। किसी के मन में दाऊद या विजय माल्या की गिरफ्तारी का विचार था तो कोई सोच रहा था कि इमरजेंसी लगाकर कश्मीर से धारा 370 हटाने की तैयारी है। कुतुबखाना क्षेत्र में भी व्यापारी इसकी ही बात करते नजर आए। भाजपा समर्थकों का कहना था कि जरूर मोदी पाकिस्तान से जुड़ा कुछ बताने वाले हैं। वहीं, विरोधी चुनावी स्टंट की बात कर रहे थे। हर ओर बस मोदी के संदेश की ही चर्चा हो रही थी।
72 हजार बनाम एंटी सेटेलाइट मिसाइल
सोशल मीडिया पर अब नई बहस शुरू हुई है कि चुनाव से पहले देश के बड़े राजनीतिक दलों की जोर-आजमाइश में गरीबों को 72 हजार रुपये सालाना देने की घोषणा ज्यादा असरदार साबित होगी या फिर एंटी सेटेलाइट मिसाइल विकसित करके दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़े होने की। भाजपा समर्थकों के तर्क थे कि मोदी ने देश को मजबूत किया है जबकि राहुल गांधी की घोषणा वोट बटोरने भर के लिए थी जबकि विरोधी दलों की ओर से तर्क दिए जा रहे हैं कि मोदी सेना की तरह वैज्ञानिकों की उपलब्धि का भी क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं।
एक-आधा घंटे तो यही रहा कि प्रधानमंत्री क्या संदेश देंगे? एक घंटे घबराहट सी रही कि अब मोदी जी कुछ न कर दें। आम आदमी तो यह कहने लगे कि कहीं दो हजार रुपये का नोट तो नहीं बंद कर रहे हैं। हालांकि पढ़े लिखे लोग जानते थे कि चुनाव के दौरान कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा सकता। - हरीश बिग, ट्रांसपोर्टर
प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद दिमाग में आया कि दो हजार के नोट गए काम से। लोगों का कहना था कि चुनाव के लिए पार्टियों ने दो हजार के नोट जुटाकर रखे होंगे। किसी ने कहा कि इमरजेंसी लगाकर धारा 370 हटा रहे हैं। इसलिए यह संदेश दे रहे हैं, मगर सुनकर सीना चौड़ा हो गया। - दुर्गेश कुमार, दवा व्यवसायी
मैं मेरठ में मीटिंग सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग में था। संदेश की सूचना पर लोगों ने कहा कि दो हजार का नोट बंद हो रहा है, हालांकि मेरे दिमाग में ऐसा नहीं था क्योंकि कोई नोट सात साल से पहले बंद नहीं हो सकता। फिलहाल हमारी मीटिंग रोककर हमें उनका संदेश सुनवाया गया। - सुरेश सुंदरानी, उद्यमी
मुझे तो लगा कि कोई बड़ा धमाका होने वाला है। मुझे लगा कि दाऊद या विजय माल्या को पकड़कर लाया जा रहा है। कुछ लोगों को लगा कि फिर नोटबंदी हो रही है। इलेक्शन है इसलिए कुछ भी धमाका हो सकता है। मगर संदेश सुनकर अच्छा लगा। यह देश के लिए बहुत अच्छा निर्णय है। - डॉ. रवि खन्ना, बाल रोग विशेषज्ञ
मुझे फोन पर पता लगा था कि मोदी जी ने आज राष्ट्र के नाम पर संदेश दिया है। मगर आम आदमी मोदी जी के देश के नाम संदेश को लेकर हिल जाता है। मगर मैं ऐसा सोचता हूं कि अगर उनका कुछ संदेश होकर देश के अच्छे के लिए ही होगा। ऐसा ही उन्होंने नोटबंदी के दौरान भी किया था। - राजशेखर, होटल व्यवसायी
ट्वीट के बाद मेरे दिमाग यही आया कि वह कोई नई क्रियात्मकता या देश के विकास से जुड़ी घोषित करेंगे। नोटबंदी जैसा कोई विचार मेरे दिमाग में नहीं आया। स्पष्ट था कि आज कुछ अलग और देश की रक्षा से जुड़ी बात होगी। मगर इस प्रोजेक्ट को लेकर उनकी उत्सुकता बड़ी बात है। - अनिल साहनी, प्रगतिशील किसान
मुझे पता चला कि मोदी जी राष्ट्र की जनता को कुछ खास संदेश देने वाले हैं लेकिन आचार संहिता के चलते कुछ भी ऐसा नहीं बोल सकते, जिससे चुनाव प्रभावित हो। इसके बाद जब संदेश आया तो पता लगा कि हमारा देश अंतरिक्ष में सेटेलाइट को मार गिराने वाली चौथी शक्ति बन गया है। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
नोटबंदी के चलते कम पढ़े लिखे लोगों के मन में तमाम तरह की आशंकाएं थीं। मगर पढ़े लिखे लोग जानते थे कि आचार संहिता के दौरान ऐसी कोई घोषणा नहीं हो सकती, जिससे चुनाव प्रभावित हो। यह अच्छी बात है कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी अपनी दमदारी का सबूत दिया है। - हकीम खुर्शीद मुराद
बंकर की तरफ भागें या एटीएम की ओर
मोदी के ट्वीट के बाद सोशल साइट्स पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर मेसेज किया कि एक घंटे पहले मोदी जी ने ट्वीट किया है कि वह कुछ ही देर में राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी भी शुरू हों गईं है। जवाब में दूसरे व्यक्ति ने लिखा- मोदी जी कुछ तो हिंट दो, बंकर की तरफ भागें या एटीएम की ओर।