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सीताहरण देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु

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सीताहरण देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। श्रीरामलीला सभा ब्रह्मपुरी की ओर से चल रही रामलीला के बारहवें दिन सीताहरण, जटायु उद्धार, शबरी के बेर, राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध एवं लंका दहन की लीला का मंचन हुआ। शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए रावण साधु का वेश बनाकर सीता का हरण करने पहुंचा। इससे पहले हिरन के रुप में पहुंचे मारीच को पकड़ने राम जंगल जा चुके थे और उनकी पुकार पर लक्ष्मण उन्हें देखने रेखा खींचकर गए थे। साधु में वेश में पहुंचे रावण ने लक्ष्मण रेखा से बाहर निकलकर सीता को अन्न देने को कहा। सीता ने जैसे ही कदम लक्ष्मण रेखा से बाहर निकाले रावण उनका हरण कर लंका ले जाने लगा। रास्ते में जटायु ने रावण को रोकने की कोशिश लेकिन उसने जख्मी कर दिया। राम को पता चला तो वह सीता को तलाशने निकले। इसके बाद एक-एक कर सभी प्रसंगों का मंचन हुआ। मंचन को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
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