बरेली। आवास-विकास परिषद के दफ्तर में हुए होली मिलन समारोह में दारू पार्टी का मामला सोमवार को भी गरमाया रहा। शासन स्तर पर अफसरों ने एक दिन पहले एसआई मुरादाबाद की जांच रिपोर्ट के आधार पर एक्सईएन नेहा सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित करने की बात कही थी। मगर, तगड़ी पैरवी से एक्सईएन का निलंबन टाल दिया गया। एक्सईएन चूंकि स्वयं खराब नहीं पी रही थीं, इसलिए उनको निलंबित नहीं किया गया है। मगर, अब भी उन पर कड़े एक्शन की तलवार लटकी हुई है। दूसरी ओर निलंबित कर्मचारियों को मुरादाबाद और आगरा रिलीव कर दिया गया।
13 मार्च को आवास-विकास परिषद के सिविल लाइंस स्थित दफ्तर में दारू पार्टी हुई थी। उसमें कई कर्मचारी जाम छलकाते हुए कैमरे में लाइव कैद कर लिए गए थे। उसके बाद यह मामला तूल पकड़ते हुए शासन तक पहुंच गया। सचिव आवास-विकास परिषद ने एसई मुरादाबाद से पूरे मामले की तुरंत जांच कराई। इसमें दोषी पाए जाने पर छह कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आवास-विकास परिषद के सचिव विशाल भारद्वाज ने प्रभारी एक्सईएन नेहा सिंह को निलंबित करने की देर रात बात कही थी, लेकिन जब उनके दफ्तर से पत्र जारी हुआ तो उसमें एक्सईएन को शराब पार्टी के लिए प्रथम दृष्टया दोषी माना गया और सख्त कार्रवाई प्रस्तावित कर जांच की संस्तुति तो की गई, लेकिन उनका निलंबन रोक दिया गया। सूत्रों का कहना है कि तगड़ी सिफारिश के चलते एक्सईएन का निलंबन तत्काल प्रभाव से भले ही रोका गया है, मगर अब भी उन पर सख्त एक्शन की तलवार लटकी हुई है। अपर आयुक्त आवास विशाल भारद्वाज ने एक्सईएन संबंधी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मांगी है।
ज्वाइंट डायरेक्टर करेंगे जांच
आवास-विकास परिषद के दफ्तर में दारू पार्टी के मामले की जांच अब संयुक्त आवास आयुक्त आगरा को सौंपी गई है। आरोप पत्र एसई मुरादाबाद मोहम्मद खालिद दाखिल करेंगे। दोनोें अधिकारियों से शराब पार्टी के साक्ष्य इकट्ठा करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। माना जा रहा है कि पूरे मामले की जांच के बाद एक्सईएन समेत कई अन्य इंजीनियरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
निलंबित कर्मचारी रिलीव
आवास-विकास परिषद के निलंबित छह कर्मचारियों को एक्सईएन ने तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया। कुछ कर्मचारियों को मुरादाबाद और कुछ को आगरा रिलीव किया गया है। आवास-विकास परिषद के दफ्तर में सन्नाटे का माहौल रहा। दारू पार्टी से मामले के तूल पकड़ने के बाद विभाग का स्टाफ सहमा-सहमा नजर आया। दफ्तर में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि भी दिन भर आते रहे।