शाहजहांपुर। जिले में 29 अप्रैल को 2425 बूथों पर मतदान होगा। लोकसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी रविवार रात से चुनाव आचार संहिता का अनुपालन कराने में जुट गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अमृत त्रिपाठी ने जिले मेें धारा 144 लागू करने के साथ ही विकास भवन सभागार में पत्रकारों को चुनाव आचार संहिता मेें निहित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी रविवार को दी।
चुनाव आचार संहिता के प्रारूप में पार्टियों, उनके प्रत्याशियों और समर्थकों समेत जन सामान्य के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रत्याशियों के लिए अधिकतम व्यय सीमा 70 लाख रुपये नियत की गई है, लेकिन नामांकन कराते वक्त उन्हें फॉर्म-26ए पर परिवार के अन्य सभी सदस्यों के आय और मालियत का विस्तृत विवरण भरकर जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि जिले मेें 2425 बूथ हैं। और आयोग से नियत मानकों के अनुसार 189 ऐसे बूथ संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं, जहां गत विधानसभा चुनाव में 90 फीसदी मतदान के साथ 75 प्रतिशत वोट किसी प्रत्याशी विशेष के पक्ष मेें पड़े हैं, जहां मिसिंग वोटर अधिक हैं, जहां पुनर्मतदान कराना पड़ा अथवा जहां समुदाय विशेष को मतदान से रोके जाने की शिकायतें मिली थीं। हर बूथ पर औसतन चार कर्मचारियों की आवश्यकता को देखते रिजर्व पार्टियों समेत 10500 कर्मचारी चुनाव कार्य में जुटाए गए हैं।
डीएम के अनुसार विधानसभा चुनाव में सीआरपीएफ की 122 कंपनी की तुलना में इस बार 24-25 कंपनियां आ रही हैं। इसके बावजूद सभी बूथों पर अर्ध सैन्य बलों समेत पुलिस की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। सर्वाधिक संवेदनशील बूथों पर सीसीटीवी कैमरों से वेब कॉस्टिंग कराने के साथ सीआरपीएफ की तैनाती रहेगी। अन्य संवेदनशील बूथों पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात कर वहां डिजिटल फोटोग्राफी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से लोकसभा क्षेत्र को 264 सेक्टरों में बांटा गया है। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक को जोन और तहसील को सुपर जोन बनाया गया है।
निर्माण और विकास के नए कार्यों पर लगा ब्रेक
आचार संहिता लागू होने के साथ जिले में निर्माण और विकास के नए कार्यों पर रोक प्रभावी हो गई है। हालांकि, जिन योजनाओं के लिए बजट की स्वीकृति होने के साथ उन पर काम भी शुरू हो चुका है, उन पर यह बंदिश लागू नहीं होगी। मेडिकल कालेज और रिंग रोड समेत अन्य सरकारी भवनों का निर्माण जारी रहेगा। प्रधानमंत्री योजना के आवासों और शौचालयों का निर्माण भी यथावत जारी रहेगा, लेकिन आवास योजना के जिन लाभार्थियों के खातों में किन्हीं कारणों से पहली किश्त की धनराशि नहीं मिल सकी, उन्हें मकान बनाने के लिए चुनाव परिणाम घोषित होने तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। डीएम त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि किसी योजना में टेंडर होने और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ तो अब उन पर काम नहीं किया जाएगा।