सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर हालत में लाई गई एक गर्भवती महिला को इसलिए बेड नहीं मिल सका क्योंकि उसका पति अस्पताल के स्टाफ को एक हजार रुपये का सुविधा शुल्क नहीं दे पाया। काफी देर तक महिला अस्पताल में ही स्टाफ की आंखों के सामने फर्श पर पड़ी तड़पती रही और फिर उसने दम तोड़ दिया। महिला के पति ने अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
लाईखेड़ा गांव के रहने वाले इतवारी लाल मंगलवार सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा से तड़प रही अपनी पत्नी नेमा देवी को 102 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंचे थे। इतवारी लाल ने पत्नी को अस्पताल के बरामदे के एक कोने में लिटाने के बाद डॉक्टर और स्टाफ से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें बेड खाली नहीं होने की बात कहकर टालना शुरू कर दिया। इतवारी लाल का कहना है कि इसी बीच अस्पताल के एक कर्मचारी ने उनसे कहा कि वह अगर एक हजार रुपये का इंतजाम कर लें तो वह बेड दिला देगा। इतवारी लाल के पास इतने पैसे नहीं थे, लिहाजा उनकी पत्नी अस्पताल के फर्श पर पड़ी तड़पती रहीं। इतवारी का कहना है कि उन्होंने अस्पताल के स्टाफ की काफी मिन्नतें की। फिर भी स्टाफ उन्हें बेड देने को तैयार नहीं हुआ। करीब ढाई घंटे तक तड़पने के बाद नेमा देवी ने दम तोड़ दिया।
इतवारी लाल का आरोप है कि स्टाफ ने इसके बाद उन्हें काफी देर नेमा देवी के पास तक नहीं जाने दिया। फिर मामला रफा-दफा करने को एक निजी वाहन का इंतजाम कराकर नेमा देवी का शव जबरन घर भिजवा दिया। बृहस्पतिवार को इतवारी लाल ने थाना नवाबगंज आकर स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के बयान दर्ज किए। डॉ. विभु अग्रवाल ने पुलिस को बताया किमहिला को एक अक्तूबर को सुबह नौ बजे अस्पताल लाया गया था। प्रसव पीड़ा के साथ दौरे पड़ने से उसकी हालत बिगड़ी तो उसे बरेली रेफर कर दिया गया। उसके परिवार वाले उसे किस वाहन से जिला अस्पताल ले गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
घूसखोरी के पहले भी लगे हैं आरोप
अस्पताल के स्टाफ पर घूसखोरी के पहले भी आरोप लगते रहे हैं। 28 अगस्त को समुहा भानपुर के कांता प्रसाद की पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद सीएचसी में भर्ती कराया था। आरोप है कि रात में नर्स ने आपरेशन के लिए उनके घरवालों से एक हजार रुपये ऐंठ लिए और फिर आनन-फानन में छोटा सा आपरेशन कर प्रसव भी करा दिया। चार सितंबर को घर पहुंचने पर रेखा की हालत बिगड़ गई। इस मामले में भी रेखा के परिवार वालों ने नर्स के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी।
जिला अस्पताल में भी बेड बिकने की शिकायत
दो दिन पहले एक तीमारदार ने एक इंटर्न डॉक्टर पर अपने मरीज को बेड देने के बदले डेढ़ हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। उसने इस बारे में सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से शिकायत की थी, जिस पर सीएमएस ने आरोपी इंटर्न डॉक्टर को बुलाकर हड़काया तो था लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
महिला को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया था। उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया जिसके बाद उसके परिवार वाले निजी वाहन से उसे यहां से ले गए। महिला की मौत यहां अस्पताल में नहीं हुई है। - डॉ. आरएन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक नवाबगंज
यह मामला जानकारी में नहीं है। पूरे मामले की जांच करा ली जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर कार्रवाई होगी। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ