खेतों में धान की फसल के साथ मच्छरों का लार्वा भी पनप रहा है। जिला मलेरिया विभाग की ओर से पिछले दिनों कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि मच्छरों का लार्वा तालाबों में नहीं बल्कि धान की फसल में पनप रहा है। मलेरिया विभाग ने इसे नष्ट करने में असमर्थता भी जताई है। जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह का कहना है कि अगर खेतों में एंटी लार्वा का छिड़काव करेंगे तो इससे धान की फसल को खासा नुकसान होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मलेरिया विभाग की टीम आंवला, रामनगर, मझगवां, बहेड़ी, फरीदपुर आदि ब्लॉकों में फॉगिंग और छिड़काव करने पहुंची थी। 50 से ज्यादा बुखार प्रभावित गांवों में मच्छरों का लार्वा पनपने की वजह तलाशी गई तो लार्वा तालाबों में नहीं बल्कि धान के खेतों में पनपता मिला, लेकिन वहां छिड़काव नहीं किया जा सकता है। किसानों को धान के खेतों में भरा पानी निकालने की हिदायत दी गई।
ब्लॉक पॉकेट बनाकर मलेरिया विभाग कराएगा फॉगिंग
जिला मलेरिया विभाग ने ब्लॉकवार पॉकेट बनाकर मच्छरों को मारने की तैयारी की है, जिसमें जिला पंचायत राज विभाग की सौ फॉगिंग मशीनों का सहयोग लिया जाएगा। ग्राम प्रधानों को मशीनें देकर फॉगिंग कराने को कहा गया है। जरूरत पर मलेरिया विभाग का सहयोग लेने का सुझाव दिया गया है। सबसे पहले भमौरा ब्लॉक में फागिंग कराई जाएगी।