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बेटी के बाद मां ने भी तोड़ा दम, चौबीस घंटों में सात और मरीजों की मौत

Wed, 19 Sep 2018 11:40 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हजारों की संख्या में मलेरिया के मरीजों को चिह्नित कर उनकी जान बचा ली गईं है, लेकिन जिले में बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी बीच बुधवार को सात और मरीजों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 196 हो गई है। सर्वाधिक प्रभावित मझगवां ब्लॉक के गांव गहनी में 25 साल की भूरी देवी की मौत हो गई। दो दिन पहले उनकी नौ महीने की मासूम बेटी गौसिया की भी मौत हो चुकी है। रजऊ परसपुर में नीलम पुत्री राजवीर चार दिन से बुखार से पीड़ित थी। गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराया जा रहा था। बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस गांव में अब तक पांच लोग जान गवां चुके हैं। रामनगर के गांव भूरीपुर में बाबा की इलाज के अभाव में मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा था। फतेहगंज पश्चिमी के गांव सतुइया खास के 35 वर्षीय गजेंद्र पाल सिंह को मंगलवार दोपहर तेज बुखार आने के बाद मिनी बाईपास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी बुधवार सुबह मौत हो गई। नवाबगंज के बरौर गांव के 50 वर्षीय किसान लालाराम को पांच दिन से बुखार आ रहा था। निजी अस्पताल में जांच के दौरान उन्हें टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। फरीदपुर के गांव मस्तीपुर में पोथीराम और तरा गौंटिया में पूरन लाल की पत्नी की बुखार से मौत हो गई। गांव सिपइया गौंटिया के ग्रामीणों के मुताबिक मेडिकल टीम ने मलेरिया जांच के लिए 10 से ज्यादा लोगों को मना कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। इसके बाद 28 लोगों की मलेरिया की जांच की गई।
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