शौहर ने तीन साल पहले शादी की। सब कुछ ठीक चल रहा था। एक साल बाद बेटी हुई। तो ससुराल वाले खफा हो गए। शौहर मारपीट करने लगा। बेटी बीमार हुई तो उसका ससुराल वालों ने इलाज नहीं कराया। लिहाजा उसकी मौत हो गई। शौहर ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। मायके आकर रहने लगी तो एक दिन पता चला कि शौहर दूसरी शादी करने जा रहा है। शादी रुकवाने के लिए वह ससुराल पहुंची तो शौहर झगड़ा करने लगा। गुस्से में दो बार तलाक बोल दिया। धमकी दी- अगर दूसरी शादी रोकी तो तीसरी बार भी तलाक बोल देगा। पीड़िता डरकर फिर मायके आ गई। तबसे दर-दर भटक रही है। पीड़िता ने बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल को अपनी व्यथा सुनाई।
कस्बा बहेड़ी की महिला का निकाह तीन साल साल पहले शीशगढ़ के मोहम्मद तसलीम से हुआ। शौहर स्लाटर हाउस की ठेकेदारी करता है। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी को तीन साल से ज्यादा का वक्त हो गया। एक साल पहले बेटी हुई थी। उसके पैदा होते ही ससुराल वाले खफा हो गए। बेटा क्यों नहीं किया। शौहर ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता मजबूरी में अपने मायके आकर रहने लगी। एक दिन उसे पता चला कि उसका शौहर दूसरी शादी करने जा रहा है। तब वह मायके वालों के साथ हिम्मत कर शौहर के घर पहुंची और दूसरी शादी को लेकर हंगामा करने लगी। शौहर ने पहले उससे झगड़ा किया। फिर भी जब नहीं मानी तो उसने दो बार तलाक-तलाक बोल दिया और पीड़िता को धमकी दी कि अगर दूसरी शादी रोकी तो तीसरी बार भी तलाक बोल देगा। पीड़िता डर गई और मायके वापस आकर रहने लगी। उसका आरोप है कि पंचायत के नाम ननदोई और देवर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शौहर ने बिना पढ़ी लिखी होने की वजह से उससे समझौता नामा पर उसके दस्तखत भी करा लिए। राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल को उसने बताया कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हो चुके हैं। वह छह भाई और तीन बहने हैं। कब तक कौन खर्च उठाएगा। उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया गया।