कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सभी नियोक्ताओं से कहा है कि वे दो अक्तूबर से पहले सभी पीएफ अंश धारकों के खाते आधार से लिंक करा लें अन्यथा भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही ऐसे विभागों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने की तैयारी हो रही है, जिन्होंने अब तक ऑनलाइन सिस्टम शुरू नहीं किया है। इसमें बरेली और मुरादाबाद मंडल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी और इज्जतनगर स्थित सिंचाई विभाग का वर्कशॉप शामिल है।
क्षेत्रीय आयुक्त एम. शारिक ने बताया कि बिना केवाईसी के अब भुगतान संभव नहीं। पीएफ सदस्य अपने नियोक्ताओं के माध्यम से आधार, बैंक अकाउंट और पैन से लिंक अनिवार्य हो गया है। साथ ही यूएएन एक्टिवेट करा लें। अन्यथा 15 सितंबर से भुगतान नहीं हो पाएंगे। बताया कि रोडवेज, प्रथमा बैंक और बड़ौदा ग्रामीण बैंक ने अब तक आधा अधूरा ही काम किया है, जबकि बरेली और मुरादाबाद मंडल में मुख्य चिकित्साधिकारी और इज्जतनगर स्थित सिंचाई विभाग की कार्यशाला प्रबंधन ने कोई काम इस दिशा में नहीं किया है। उनको चेतावनी दी जा रही है। बताया कि 1.13 लाख सदस्यों में से 66 हजार आधार से लिंक हो पाए हैं।
क्षेत्रीय आयुक्त ने बताया कि आधार लिंक और ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़ने का फायदा यह है कि नियोक्ता के नए कर्मचारियों का पीएफ अंश केंद्र सरकार भुगतान करेगी। साथ ही प्रधानमंत्री योजनाओं का भी लाभ नियोक्ता ले सकेंगे। ऑनलाइन आए दावे पांच दिन में भुगतान किए जा रहे हैं।