बीए के छात्र अब फिजिकल एजूकेशन को वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ सकेंगे। बुधवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने इसकी संस्तुत कर दी। इसका पाठ्यक्रम भी पास कर दिया। बीए में फिजिकल एजूकेशन होने से अब छात्र एमए भी इस विषय से कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने स्नातक स्तर पर फिजिकल एजूकेशन क्वालीफाइंग सब्जेक्ट के रूप में 2006 से लागू किया था। लिहाजा मार्कशीट या प्रवेश की मेरिट में इसके नंबर नहीं जोड़े जाते थे। बाद में विश्वविद्यालय ने इसे वैकल्पिक विषय के तौर पर लागू करने का निर्णय लिया। इस पर बुधवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज ने मुहर लगा दी। बीए के छात्र तीनों वर्ष इस विषय को पढ़ सकेंगे। प्रथम वर्ष में सौ नंबर के पूर्णांक में 30-30 नंबर के दो पेपर थ्योरी और 40 नंबर का प्रैक्टिकल होगा। द्वितीय वर्ष में भी इसी तरह परीक्षा होगी। फाइनल में दो सौ नंबर के पूर्णांक में 60-60 नंबर की थ्योरी और 80 नंबर का प्रैक्टिकल होगा। बोर्ड ऑफ स्टडीज के कनवीनर डॉ. सोमपाल सिंह के अनुसार इस बार फिजिकल एजूकेशन 25 कॉलेजों में संचालित होगा। इसका दायरा अगले साल बढ़ सकता है। स्नातक के बाद परास्नातक में भी फिजिकल एजूकेशन शुरू करने का रास्ता खुल गया है। बैठक में एक्सपर्ट के तौर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. नीरज जैन, सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ के डॉ. नवीश कुमार, आरएसएम कॉलेज धामपुर के डॉ. जितेंद्र चौधरी और आरपी डिग्री कॉलेज मीरगंज के डॉ. विजय बहादुर सिंह सदस्य के रूप में शामिल थे। कुलपति की संस्तुति के बाद फिजिकल एजूकेशन का पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। छात्र बीए में इसी साल से फिजिकल एजूकेशन को विषय के तौर पर ले सकते हैं।