शासन से प्रदेश के सभी कमिश्नरों और जिलाधिकारियों के नाम यह फरमान आया है जनप्रतिनिधियों ने मोबाइल नंबर अपने फोन में फीड कर लें। अपने जिलों के बाकी अधिकारियों को भी बता दें कि वह भी जनप्रतिनिधियों के नंबर फीड करके रखें। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों का फोन जरूर उठाया जाए। किसी वजह से फोन नहीं उठ पाया है तो रिंग बैक करके उनसे बात कर लें।
प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार राहुल भटनागर की तरफ से जारी शासनादेश में कहा गया है कि सांसदों और विधान मंडल के सदस्यों से अधिकारियों की किसी वजह से बात न हो पाती है तो उन्हें रिंग बैक कोई नहीं कर रहा है। यह बेहद खेदजनक को गंभीर मामला है और लोकतंत्र की मूल भावना के प्रतिकूल है। लोकतंत्रिक व्यवस्था में सांसद और विधायक जनता के प्रतिनिधि हैं। इसलिए समाज में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए सभी शासकीय कर्मियों को इन जनप्रतिधियों के प्रति शिष्टाचार और आदर का भाव बरतना चाहिए। कमिश्नर और डीएम अपने अधीनस्थों को भी बता दें। आदेश का पालन करनें में किसी भी तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए। पूरी शिष्टता बरती जाए और सांसद और विधान मंडल के सदस्यों से उनके पद के अनुरूप व्यवहार करें।