सीसीटीवी कैमरों के जरिए की गई मॉनिटरिंग
बरेली। पुलिस घुड़सवार, जेल वार्डर और फायरमैन पदों की परीक्षा के पहले दिन शनिवार को परीक्षा केंद्रों पर अधिकांश कक्षों में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। दोनों पालियों में करीब 55 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। एडीजी, डीआईजी, एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
एक निजी एजेंसी द्वारा पुलिस विभाग के घुड़सवार, फायरमैन और जेल के वार्डर पदों पर रविवार को भी परीक्षा कराई जानी है। शनिवार को शहर से सटे सात केंद्र और फरीदपुर के एक केंद्र पर परीक्षा कराई गई। इसमें पहली पाली में बेहद कम परीक्षार्थी आए तो दूसरे में इनकी संख्या कुछ बढ़ी। दोनों पालियों में कुल उपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 45 फीसदी ही हो सकी। एसएसपी के मुताबिक आठ हजार में से 3600 के करीब परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी।
इस दौरान एडीजी अविनाश चंद्र ने केडीईएम इंटर कॉलेज, डॉ. सुशीला गिरीश बालिका इंटर कॉलेज, रानी लक्ष्मीबाई सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मखानी इंटर कॉलेज बिथरी चैनपुर और राम स्वरूप इंटर कॉलेज फरीदपुर का जायजा लिया देखा। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से हो रही मॉनिटरिंग भी देखी। सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों से पूछताछ कर स्थिति का जायजा लिया। डीआईजी राजेश पांडेय व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने भी केंद्रों का जायजा लिया।
आज यूपीएससी की भी परीक्षा, पुलिस के सामने दोहरी चुनौती
रविवार को आठ केंद्रों पर फिर से पुलिस के इन्हीं पदों की परीक्षा दो पालियों में होनी हैं। साथ ही यूपीएससी की परीक्षा भी जिले के 17 केंद्रों पर होनी है। इसमें करीब आठ हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा भी दो पालियों में सुबह दस से 12 और दोपहर दो से पांच बजे तक होगी। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती जैसा होगा।
चार साल बाद परीक्षा होने से घटे अभ्यर्थी
अधिकारियों के मुताबिक पुलिस भर्ती की परीक्षा चार साल बाद हुई है। इसके चलते आवेदन करने वाले कम अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ दूसरे विभागों में चयनित हो गए होंगे तो कुछ सर्दी और कोरोना संक्रमण के चलते नहीं आए।
‘शनिवार को पुलिस और जेल के पदों को हुई परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से निपट गई। रविवार को इसके साथ ही यूपीएससी की भी परीक्षा है। पुलिस ने इसके लिए व्यापक तैयारी की है।’ - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी