उत्तराखंड में जिंदगी और मौत से जूझ रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बरेली स्थित सेना की इंजीनियरिंग कोर को पहाड़ पर रास्ता बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके लिए 54 इंजीनियरिंग कोर की दूसरी टुकड़ी को यहां से रविवार को रवाना कर दिया गया। इस टुकड़ी को उत्तरकाशी के हर्षिल इलाके में रास्ता बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
टुकड़ी सोमवार को यहां कार्य शुरू कर देगी। इससे पहले यहां की एक टुकड़ी को लामबगढ़ इलाके में एल्युमिनियम का पुल बनाने के लिए भेजी गई है।
54 इंजीनियरिंग कोर के सूबेदार मेजर एसएन शुक्ला ने बताया कि सात सेक्शन में यहां के 70 जवानों को पहाड़ पर रास्ता बनाने के काम में शामिल किया गया है। इस टीम की अगुवाई मेजर निखिल कुमार कर रहे हैं।
टीम को पहला टास्क उत्तरकाशी के हर्षिल इलाके में सौंपा गया है। यहां रास्ता बनाने के बाद लोगों को निकाला जाएगा।
यह काम पूरा होने के बाद टीम को दूसरे आपदाग्रस्त इलाकों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। इधर, मेजर सार्थक विश्वास की अगुवाई में लामबगढ़ इलाके में एल्युमिनियम का पुल बनाने के लिए पहले भेजी गई टीम रविवार को जोशी मठ से गोविंदपुर पहुंच गई।