बरेली। राजेंद्रनगर स्थित श्रीबांके बिहारी मंदिर में चल रही कथा के छठें दिन कथाव्यास आशुतोष शर्मा ने श्रद्धालुओं को जप और तप का महत्व बताया। कहा कि रामचरित मानस का अयोध्याकांड जीव की युवावस्था का परिचायक है। इससे युवावस्था में ही तप करके प्रभु प्राप्ति का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रभु नाम के जप से तमाम कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने प्रत्येक को प्रभु नाम के जप, स्मरण और ध्यान करने का सुझाव दिया। प्रसाद वितरण से कथा का समापन हुआ।