बरेली। बार एसोसिएशन की ओर से जिन वकीलों के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव लाया गया था उन्होंने माफी नहीं मांगी बल्कि बार एसोसिएशन की ओर से वकीलों के भारी दबाव के चलते उस प्रस्ताव को वापस लिया। अधिवक्ता वीपी ध्यानी ने कहा कि निष्कासन का जबरदस्त विरोध होने के कारण ही प्रस्ताव वापस लिया गया। अधिवक्ता शंकर सक्सेना ने कहा कि प्रस्ताव के वापस होने पर सदस्यों ने इसका हर्षध्वनि से स्वागत किया। अधिवक्ता भुपेंद्र मोहन सहाय व नंद किशोर भगत ने कहा कि हम लोगों को बड़ी संख्या में वकीलोें का समर्थन हासिल होने की कारण ही यह संभव हुआ।