बरेली। पहले अवैध निर्माण कराना और फिर उसे गिराना, यह कोई बीडीए इंजीनियरों से सीखे। वैसे तो कहीं किसी मकान का छज्जा निकला हो तो बीडीए कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंच जाते हैं, आवासीय नक्शे पर दो साल तक पांच मंजिला व्यावसायिक इमारत बनती रही लेकिन फिर भी बीडीए स्टाफ बेखबर बना रहा। सिर्फ यही इमारत नहीं, बीडीए की जानकारी में ही तमाम शहर में खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं, मगर इनके ध्वस्तीकरण की फाइलें बाबुओं की अलमारी में दबी पड़ी हैं।
गुलमोहर पार्क कॉलोनी में डॉ. कनुप्रिया अग्रवाल और डॉ. मोहित अग्रवाल ने दो भूखंडों पर अलग-अलग आवासीय नक्शे पास कराकर 941.30 वर्ग मीटर एरिया में अवैध बिल्डिंग बनवा ली थी। यह पांच मंजिला इमारत आज तक बीडीए के एई और जेई को नहीं दिखी। कहने भर को ही बिल्डिंग के चालान किए गए और उसे सील किया गया लेकिन यह किसी ने नहीं देखा कि अवैध निर्माण लगातार होता रहा। जब बिल्डिंग बनकर खड़ी हो गई, तब बीडीए ने उसे ध्वस्त कराया। अगर यही निर्माण सील करते समय पुलिस की मदद से रोक दिया गया होता तो शायद इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती।
इन अवैध निर्माण पर कब होगी कार्रवाई
पीलीभीत बाईपास रोड पर सेटेलाइट से आगे तीन बड़े भवनों का निर्माण चल रहा है। बीसलपुर रोड पर हरूनगला कालोनी में कई मंजिल ऊंची एक बड़ी बिल्डिंग कई महीने पहले सील की गई थी, मगर अब यह पूरी बनकर खड़ी हो चुकी है। इसी रोड पर छह अवैध निर्माण सील हुए थे। वह भी पूरे हो चुके हैं। हरूनगला से राधा माधव स्कूल के आगे तक कम से कम 20 अवैध निर्माण अब भी चल रहे हैं। डोहरा रोड पर छह से 10 और उससे आगे 40 बीघे एरिया में एक अवैध कालोनी की प्लाटिंग कराकर बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। फिनिक्स माल के पीछे 20 से 25 अवैध निर्माण चल रहे हैं। सौ फुटा रोड पर 10 से 15, कूर्मांचल नगर कालोनी के सामने सनसिटी, सन सिटी विस्तार, नार्थ सिटी और नार्थ सिटी एक्सटेंशन में अनाधिकृत कालोनाइजर (रेरा में गैर पंजीकृत) एयरफोर्स एरिया में कम से कम पांच जगहों पर अवैध मकान बनाकर बेच चुके हैं। चार अवैध मकानों का निर्माण अब भी करा रहे हैं। इनके अलावा बड़ा बाईपास, लाल फाटक के आगे, बदायूं रोड पर भी दर्जनों अवैध निर्माण चल रहे हैं।