बरेली। होली के बहाने शरारती छात्र विश्वविद्यालय कैंपस में इस बार न तो हुड़दंग मचा पाएंगे और न ही रंग लगाने के बहाने छात्राओं को परेशान कर पाएंगे। पिछले साल की घटनाओं को देखकी प्रॉक्टोरिल बोर्ड ने सतर्कता बरतते हुए सभी विभागों को होली के आसपास परीक्षाएं न कराने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों के प्रॉक्टर को अलर्ट रहने और छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, पिछले साल होली के मौके पर छात्राओं के साथ छेड़खानी के मामले सामने आए थे। इंजीनियरिंग विभाग में कुछ छात्रों ने रंग लगाने के बहाने छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें की थीं। छात्राओं ने इसकी शिकायत विभाग में की थी। हालांकि, डांट-फटकार के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। होली के मौके पर ही कुछ छात्राओं पर अश्लील शायरी लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई थी। अब फिर होली करीब है। ऐसे में विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि होली से पहले परीक्षाएं करा लें। परीक्षाएं होंगी तो छात्रों के झुंड जुटेंगे और रंग लगाने के बहाने फिर छेड़खानी की घटना हो सकती है। सभी प्रॉक्टर से कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखें। होली का कोई कार्यक्रम हो तो शिक्षकों की मौजूदगी रहे।
पिछली बार होली पर कुछ शिकायतें मिली थीं। इसे देखते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि होली के आसपास परीक्षाएं न रखें। छुट्टी होगी तो सभी छात्र अपने घरों को चले जाएंगे। सभी प्रॉक्टर को अभी से कड़ी निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं।
- प्रो. बीआर कुकरेती, चीफ प्रॉक्टर
छेड़खानी की जांच दबी, रैगिंग मामले का क्या होगा
एमएससी छात्रा से छेड़खानी की जांच ग्रीवांस सेल से होनी थी, लेकिन इसे दबा दिया गया। सूत्रों की मानें तो छात्रा पर दबाव डालकर शिकायत वापस करा दी गई। उससे कह दिया कि अब दोबारा ऐसा नहीं होगा, शिकायत वापस ले ले। छात्रा ने अपनी शिकायत वापस ले ली। वहीं, जांच समिति ने मामले की जांच ग्रीवांस सेल से कराने के निर्देश दिए थे, जिसे भी दबा दिया गया। जांच की फाइल ही गायब हो गई। वहीं, हॉस्टल में रैगिंग मामले को भी दबा दिया गया, उसकी जांच तक नहीं कराई। हालांकि, अब चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीआर कुकरेती का कहना है कि वह बाहर थे। अब हॉस्टल जाकर जांच करेंगे। आउट साइडर को हॉस्टल में नहीं रहने दिया जाएगा।