तलाक पीड़िताएं भड़कीं.. शरीयत पर पाबंदी के दावे अब कहां गए
ॎ जब खुद पर बात आई तो शरीयत बदल गई। उसे एक तरफ कर दिया। मुझे नहीं लगता कि निदा को दुबारा वहां जाना चाहिए। हो सकता है कि उन्हें दुबारा साथ रखने की बात रंजिश निकालने के लिए की जा रही हो। - अशी, तीन तलाक पीड़ित
खुद ही शरीयत पर पाबंद रहने की बात करते हैं और खुद ही तोड़ते हैं। यह कैसी बात है, शरीयत की बात तो सब के लिए एक है। कोई रसूख वाला है तो उसके लिए अलग शरीयत तो नहीं हो सकती। - शबीना, तीन तलाक पीड़ित
ॎ शरीयत की बात तो सभी मुसलमानों के लिए एक है। जहां से लोग ऐसे मामलों में शरई मशवरे करते है, जहां से फतवे दिए जाते हैं, वहां से ऐसी बात हो तो कोई आम आदमी का क्या यकीन रह जाएगा। - फखरुन्निशा, तीन तलाक पीड़ित