बरेली। नाथ नगरी एयर टर्मिनल से उड़ान सेवाएं शीघ्र शुरू करने के दावे भले ही किए जा रहे हाें लेकिन हकीकत यह है कि एयरपोर्ट पर अब तक बिजली सप्लाई का सिस्टम ही तैयार नहीं हो सका है। बिजली सप्लाई शुरू कराने के लिए करीब साढ़े तीन किमी दूरी में आने वाले पेड़ों का कटान फॉरेस्ट अफसरों को करना है, जो अब तक नहीं हो सका है। इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसर अब तक ट्रांसफर रखने के लिए भी जमीन नहीं दिला सके हैं। बिजली कनेक्शन न मिलने से एयरपोर्ट पर निर्माण के काम जनरेटर से किए जा रहे हैं।
निर्माणाधीन एयरपोर्ट को बिजली सप्लाई देने के लिए पीलीभीत रोड पर अहलादपुर मोड़ से बरेली दिशा में एयर टर्मिनल की बाउंड्रीवाल तक करीब 3.3 किलोमीटर दूरी में आने वाले पेड़ों को कटान होना है, लेकिन वन विभाग के अफसर इसमें लगातार देरी कर रहे हैं, जबकि इस अगस्त में कमिश्नर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की मीटिंग में वन विभाग को पेड़ काटने के लिए 10 दिन का वक्त दिया था, लेकिन तीन माह से ज्यादा वक्त बीतने के बावजूद अब तक पेड़ों का कटान नहीं हुआ है। ऐसे मेें बिजली विभाग एयरपोर्ट तक लाइन खींचने का काम भी पूरा नहीं कर पा रहा है। इसे लेकर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता पीए मोंगा ने प्रभागीय वनाधिकारी को एक बार फिर पत्र लिखा है। इधर, एयरपोर्ट में बिजली सिस्टम तैयार करने के लिए 33 और 11 केवी के ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 400 वर्गमीटर भूमि की जरूरत है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण एयरपोर्ट के लिए 500 केवीए विद्युत भार के कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को पहले ही आवेदन कर चुका है। बिजली अफसर विद्युत आपूर्ति के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों को अलग फीडर बनाने का सुझाव दे चुके हैं।
बिजली कनेक्शन न मिलने से अभी जनरेटर की सप्लाई से ही काम चलाया जा रहा है। बिजली विभाग से पांच सौ केवीए कनेक्शन के लिए काफी पहले ही आवेदन किया जा चुका है। - राजीव कुलश्रेष्ठ, संयुक्त महाप्रबंधक सिविल, एयरपोर्ट अथॉरिटी