बारिश में सड़कों को उनके हाल पर छोड़कर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से लेकर एई और जेई इन दिनों अपना मनचाहा ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने में जुटे हैं। अभियंताओं के इस रवैये से बारिश से खराब हो रहीं सड़कों की हालत बदतर होती जा रही है। कई अभियंताओं की लापरवाही की ये शिकायतें भी चीफ इंजीनियर दफ्तर तक पहुंच चुकी हैं।
मानसून सीजन से पहले पीडब्ल्यूडी स्टाफ के स्थानांतरण आमतौर पर नहीं होते हैं, लेकिन इस बार जुलाई की शुरुआत में ‘ऊपर’ से लेकर ‘नीचे’ तक अभियंताओं के बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। बरेली जिले के भी दोनों अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के जीएस वर्मा और निर्माण खंड के प्रभाकर शर्मा का स्थानांतरण हो गया है। इसके अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में भी आधा दर्जन अधिशासी अभियंता इधर से उधर किए गए हैं। सहायक और अवर अभियंताओं के भी बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। इंजीनियर मनचाहे जिले में पोस्टिंग कराने के लिए जोड़तोड़ में जुटे हैं। लिहाजा वे बारिश से टूट रहीं सड़कों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। बारिश से सड़कों के टूटने और धंसने के मामले लगातार सामने आने के बावजूद अभियंता अपनी सारी ‘ऊर्जा’ पोस्टिंग कराने के जुगाड़ में लगा रहे हैं।
तहसील दिवस के बहाने जिले से गायब हो गए थे एक एक्सईएन
ट्रांसफर-पोस्टिंग की जुगाड़ में लगे ज्यादातर एक्सईएन कई महत्वपूर्ण मौके पर भी जिला मुख्यालय पर मौजूद नहीं रहते हैं। ऐसा ही एक मामला पीलीभीत के तहसील दिवस में सामने आया था। वहां पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन तहसील दिवस में जाने की कहकर दफ्तर से निकले लेकिन तहसील दिवस में नहीं पहुंचे। बारिश में सड़कों के खराब होने की तमाम शिकायतें आ रहीं थीं, लेकिन एक्सईएन बिना बताए गायब हो गए। डीएम ने इसकी शिकायत भी सीधे चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी से की थी।
तबादला कराने में जुटे हैं एक इंजीनियर
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर का ट्रांसफर किसी दूसरे जिले में न होकर उन्हें उनके उच्चाधिकारी के कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। इससे इन दिनों वह परेशान घूम रहे हैं। उनकी जगह पर अभी कोई दूसरा अभियंता भी तैनात नहीं हुआ है, इसलिए वह शासन में जुगाड़ भिड़ा रहे हैं कि या तो उनका ट्रांसफर दूसरे जिले में कर दिया जाए या फिर उनकी तैनाती पूर्ववत रखी जाए।